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कोरोना काल में रियल एस्टेट कारोबार को पचास करोड़ का घाटा

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कोरोना काल में रियल एस्टेट कारोबार को पचास करोड़ का घाटा
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झांसी। कोरोना काल के दौरान जमीनों, फ्लैट, बिला व मकानों की बिक्री न के बराबर रही है। इससे रियल एस्टेट कारोबार को लगभग पचास करोड़ का घाटा हुआ है। व्यापार में नुकसान होने के चलते कारोबारियों को अर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संक्रमण की रफ्तार पर काबू पाने के लिए पहले लॉकडाउन और अब कोरोना कर्फ्यू लगाया गया है। जिसके चलते शहर भर के सभी प्रतिष्ठानों बंद करने के साथ ही सरकारी व गैर सरकारी संस्थानों को भी नियमों के अनुसार ही खोलने की अनुमति प्रदान की गई है। वहीं, कोरोना कर्फ्यू के कारण निर्माण कार्य करने वाले मजदूर भी साइटों पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिससे निर्माण कार्य भी पूरी तरह से बंद है। कोरोनाकाल में लोगों ने जमीन और मकानों की खरीदारी भी नहीं के बराबर की, जिसका सीधा असर रियल एस्टेट कारोबार पर पड़ा है। इस कारोबार से जुडे़ लोगों को करीब पचास करोड़ का घाटा हुआ है।
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कोरोना काल में खरीद-फरोख्त नहीं होने के कारण रियल एस्टेट कारोबार पूरी तरह से चौपट हो गया है। शहर के कारोबारियों को पचास करोड़ का नुकसान हुआ है। सरकार को इस इंडस्ट्री के लोगों के लिए कुछ विचार करना चाहिए। आशीष निगम, मार्केटिंग हेड
कारोबार में इस तरह की गिरावट पहले कभी नहीं देखी है। कोरोना काल में कारोबार काफी प्रभावित हो गया है। कई कारोबारियाें को अर्थिक परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं। अभिषेक भार्गव, बिल्डर
कोरोना के कारण खरीदार घर से नहीं निकल रहे हैं और न ही साइट को देखने के लिए आ रहे हैं। जिसका असर बिक्री पर पड़ा है। सामान्य माहौल होने पर मार्केट उठने की उम्मीद है। प्रिंस कुंडलना, कारोबारी
कोरोना संक्रमण के कारण रियल एस्टेट कारोबार मंदी छाई है। निर्माण कार्य भी पूरी तरह से रुका हुआ है। कारोबार में लाखों रुपए का नुकसान हो गया है। अंकित राय, करोबारी
संक्रमण की दूसरी लहर से कोरोना कर्फ्यू का आभास हो गया था। जिसके चलते साइट पर निर्माण सामग्री को रखवा दिया गया था। बुकिंग का नुकसान जरूर हुआ है। अमन मदान, कारोबारी
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कोरोना महामारी के कारण पिछले तीन महीने से कोई भी ग्राहक नहीं आया है। छोटे प्लॉटों के खरीदार तो बिल्कुल नहीं आ रहे हैं। बिला व फ्लैट के ग्राहक भी कम आ रहे हैं। अरुण पांडेय, कारोबारी
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