झांसी। अमर उजाला के नारि गरिमा के साझा संकल्प ‘अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत शुक्रवार को ‘ओपन माइक’ कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें नवोदित रचनाकारों ने अपनी एक से बढ़कर एक रचनाएं प्रस्तुत कीं। इस दौरान सभी ने नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ ली।
राजकीय संग्रहालय में ‘च से चकल्लस और अनकहे अल्फाज’ संस्था के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में कई नवोदित कलाकारों ने अपने फन को खास अंदाज में पेश किया। इनमें आरती ने अपनी कविता ‘अक्सर में इस सोच में डूब जाती हूं...’ सुनाई, तो वहीं एकता ने कहानी ‘वहां की चाय कैसी है’ सुनाई। धान्या ने बोर्ड एग्जाम के हॉल को हास्य अंदाज में प्रस्तुत किया। जाह्नवी ने गीत ‘बातें ये कभी न तू भूलना’ गाया। परेश ने भी कहानी सुनाई। गिटार पर ग्रेबियल ने धुनें पेश की। इस मौके पर इशित मिश्रा ने कहा कि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हाें। अमन शर्मा ने कहा कि युवा लोगों को मतदान के लिए प्रेरित करें।
इस मौके पर अमित, आमिर, शारिक, जीशान, अल्ताफ, सहल, सत्येंद्र, रोहन, आशीष, अमन, अविनाश आदि मौजूद रहे।
महिलाओं को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। आसानी से किसी से मित्रता न करें। उसके बारे में जानकारी जुटाने के बाद ही उसे दोस्त बनाएं।
- सोमऋता
महिला सशक्तिकरण के लिए सर्वप्रथम जरूरी है कि प्रत्येक महिला सजग हाें और अपने अधिकारों का उपयोग भी करें। जिससे अन्य भी प्रेरित हाें।
- सविता
युवा अपने अधिकारों खासकर मतदान के प्रति जागरूक रहें। सामाजिक सद्भाव और सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर युवाओं को आगे रहना चाहिए।
- रोहन
महिलाएं जितना अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहती हैं, उतना ही उन्हें अधिकारों के प्रति भी सचेत रहना होगा। तभी समाज और महिलाओं की प्रगति होगी।
- आमिर