चार दिन की जांच के बाद पुलिस ने भेजा जेल, कई विभागों की जांच में सामने आएंगे कारोबार के राज
संवाद न्यूज एजेंसी
पूंछ/मोंठ। झांसी-कानपुर हाईवे पर ढाबे की आड़ में तीन महीने से चल रहे अवैध केमिकल कारोबार का भंडाफोड़ हुआ है। ढाबे पर रसायन से भरे ड्रमों का भंडारण हो रहा था और टैंकरों से रसायन उतारकर कानपुर भेजे जाने की बात सामने आई है। चार दिन तक चली जांच के बाद मंगलवार को पूंछ थाना पुलिस ने कानपुर देहात के थाना घाटमपुर के ग्राम बंगला गोपालपुर निवासी ढाबा संचालक बल्देव शुक्ला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
छापे के दौरान मौके से रसायन से भरे 29 ड्रम और 43 खाली ड्रम बरामद हुए। इसके अलावा दो टैंकर, दो पिकअप वाहन और दो हजार लीटर क्षमता की प्लास्टिक टंकियां मिलीं। पुलिस ने 1,70,930 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और तीन एटीएम कार्ड भी जब्त किए। कारोबार का हिसाब-किताब दर्ज करने वाली दो डायरियां, एक लैपटॉप और वाई-फाई उपकरण भी कब्जे में लिए गए हैं।
गुजरात से आता था रसायन, ड्रमों में भरकर उतारते थे चालक
पूछताछ में ढाबा संचालक ने बताया कि गुजरात से साबुन बनाने में इस्तेमाल होने वाला एसिड स्लरी रसायन आता था। टैंकर चालक ढाबे पर रसायन को ड्रमों में खाली करने के बाद कानपुर निकल जाते थे। हालांकि, बरामद रसायन की वास्तविक प्रकृति और उसके कारोबार की वैधता की पुष्टि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस बरामद दस्तावेजों और उपकरणों के जरिये भी कारोबार से जुड़े तथ्यों की पड़ताल कर रही है।
कई विभागों ने खंगाले कारोबार के दस्तावेज
शनिवार को छापे के बाद मामले की जांच में कई विभाग जुट गए थे। आबकारी, जीएसटी और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने पड़ताल की। रविवार को पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने दोबारा जांच की। सोमवार को सहायक पुलिस अधीक्षक सिमरन कौर और संयुक्त मजिस्ट्रेट मनीषा धारवे ने संचालक से पूछताछ की। बांट-माप, खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने भी अपने स्तर से जांच की। मंगलवार को आरटीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और औषधि प्रशासन विभाग ने जांच की।
पिकअप पर दूध कंपनी का नाम, मिलावट का नहीं मिला साक्ष्य
बरामद पिकअप वाहनों पर दूध कंपनी का नाम लिखा होने से दूध में रसायन मिलाकर मिलावट किए जाने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, अब तक की जांच में दूध में रसायन मिलाने का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। थाना प्रभारी विद्यासागर सिंह ने बताया कि बल्देव शुक्ला के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। संयुक्त मजिस्ट्रेट मनीषा धारवे के अनुसार, जीएसटी विभाग कार्रवाई कर चुका है। अन्य संबंधित विभागों की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।