मंडलायुक्त के राम मोहन राव ने कहा कि निर्माण कार्य में पारदर्शिता लाने के लिए वीडियो ग्राफी और फोटोग्राफी कराई जाए। ओवर हेड टंकी निर्माण की गुणवत्ता की जांच विभागीय अधिकारी स्वयं कर लें। अवैध जल संयोजन धारकों के खिलाफ अभियान चलाया जाए।
यह निर्देश उन्होंने आयुक्त सभागार में जल संस्थान की मंडलीय समीक्षा करते हुए दिए। उन्होंने कहा कि तीनों जनपदों में दस प्रतिशत संयोजन में वृद्धि करें। समस्त अधिकारी ऐसे क्षेत्रों का भ्रमण करें जहां पर पेय जलापूर्ति सुचारु ढंग से नहीं हो पा रही हो। ऐसे स्थानों के लिए कार्य योजना तैयार करें, जहां पर पाइप पेय जल योजना की आवश्यकता हो।
उन्होंने कहा कि जहां- जहां स्टैंड पोस्ट हैं वहां पर नलों में टोटी अवश्य हो ताकि पानी बर्बाद न हो सके। समीक्षा के दौरान ग्रामीण पेयजल योजना, नलकूप संचालन, टैंकर द्वारा जल वितरण के कार्यों की भी उन्होंने जानकारी हासिल की। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रत्येक माह मंडलीय समीक्षा होगी।
इस मौके पर जल संस्थान महा प्रबंधक आरपी वर्मा, अधिशासी अभियंता झांसी आर एस यादव, अधिशासी अभियंता जालौन डीपी सिंह, अधिशासी अभियंता ललितपुर आरएस चौधरी, जल संस्थान सचिव डीआर सिरोठिया मौजूद रहे।