झांसी। डा. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर में हुए चर्चित शिक्षक भर्ती घोटाले में सीबीआई की टीम ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय आकर जांच पड़ताल की। सीबीआई की टीम बीयू की एक पूर्व शिक्षिका के पीएचडी के दस्तावेज अपने साथ ले गई।
मालूम हो कि भर्ती घोटाले के बाद सन् 2011 से 2013 के बीच सागर विश्वविद्यालय में हुई नियुक्तियों की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है। डा. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर के पूर्व कुलपति एवं भर्ती घोटाले के आरोपी प्रो. एनएस गजभिए को 23 फरवरी को कानपुर आईआईटी के केमिस्ट्री विभाग से सीबीआई द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोप है कि प्रो. गजभिए और अन्य अधिकारियों ने आपस में साजिश कर अयोग्य उम्मीदवार की नियुक्तियां यूजीसी के नियमों के विपरीत करा दीं। साथ ही विश्वविद्यालय के लिए 200 कंप्यूटरों की खरीद ऊंचे दामों पर की।
सीबीआई ने प्रो. गजभिए व अन्य के खिलाफ बीते वर्ष 21 मई को आपराधिक मामले दर्ज किए थे। इसी मामले में सीबीआई की एंटी करप्शन शाखा की एक टीम ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में आकर भी जांच पड़ताल की।
सूत्रों ने बताया कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के फोरेंसिक साइंस विभाग में शिक्षिका रहीं नवजोत कौर कंवल की सन् 2013 में सागर विश्वविद्यालय में लेक्चरर पद पर नियुक्ति हुई थी। चूंकि सीबीआई की टीम भर्ती मामले की पूरी जांच कर रही है, इसलिए उस समय हुईं सभी नियुक्तियों के दस्तावेजों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है। इसी क्रम में टीम नवजोत की पीएचडी से संबंधित दस्तावेज अपने ले गई है। कुलसचिव अखिलेश चंद्र ने बताया कि टीम को सभी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए हैं।
फिर आएगी टीम
झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में सीबीआई की टीम एक बार फिर दस्तक देगी। सूत्रों की मानें तो वर्तमान में बीयू में कार्यरत एक शिक्षिका ने भी सागर विश्वविद्यालय ज्वाइन कर लिया था। बाद में भर्ती घोटाले का मामला तूल पकड़ गया तो बीयू में उनकी ‘घर वापसी’ हो गई थी। वर्तमान में वह बीयू में कार्यरत हैं। सीबीआई की टीम जल्द ही उनके शैक्षणिक योग्यता से संबंधित दस्तावेज की जांच पड़ताल को बुंदेलखंड विश्वविद्यालय आएगी।