झांसी। सावधान! शहर में बड़े पैमाने पर नकली अंग्रेजी शराब बनाने का धंधा फल फूल रहा है। ओपी (रेक्टीफाइड स्प्रिट) से यह शराब तैयार की जा रही है। इसे मध्यप्रदेश व हरियाणा का मार्का लगाकर बेचा जा रहा है। शहर की कुछ दुकानों पर भी उत्तर प्रदेश का मार्का लगाकर इसी शराब की बिक्री हो रही है।
जिला आबकारी विभाग और पुलिस की ढिलाई से यह कारोबार चल रहा है। नकली शराब को बोतलों में भरकर सस्ते दामों पर बेचा जा रहा है। शराब पीने वालों के दिल-ओ-दिमाग में नकली होने की आशंका पैदा नहीं हो, इसलिए उस पर मध्यप्रदेश सरकार और हरियाणा सरकार की मार्का लगा दिया जाता है। मध्यप्रदेश व हरियाणा में शराब पर एक्साइज ड्यूटी कम लगती है। लोग समझते हैं कि शराब तस्करी करके मध्यप्रदेश और हरियाणा से लाई गई है, इसलिए सस्ती बिक रही है। जबकि हकीकत यह है कि इस शराब को जिले में ही चोरी छिपे बड़े पैमाने पर बनाया जा रहा है। शहर की कुछ दुकानों पर भी उत्तर प्रदेश का मार्का लगाकर बेधड़क नकली शराब बेची जा रही है।
इसका खुलासा जनवरी माह में कंबल मिल तालपुरा में छापा मार कार्रवाई के दौरान हुआ था। इसके बाद पुलिस ने नकली अंग्रेजी शराब बनाने वालों की दुकानों पर छापा मारकर काफी मात्रा में नकली शराब बरामद की थी। बताते चलें कि कंबल मिल में पुलिस ने एक आलीशान मकान में तड़के छापा मारा था, जहां से काफी मात्रा में ओपी, यूरिया, सैकड़ों शराब की खाली बोतल, रैपर और होलोग्राम बरामद किए थे। पड़ताल के दौरान पता चला था कि नकली शराब की खपत झांसी शहर के अलावा दतिया, टीकमगढ़, ललितपुर, शिवपुरी आदि इलाकों में बड़े पैमाने पर की जा रही थी।
यह खुलासा होने के बाद तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने नकली शराब बनाने में लिप्त और लोगों के बारे में सुराग हाथ लगने का दावा करते हुए कार्रवाई का वायदा किया था। हैरानी की बात यह है कि पुलिस ने एक भी कदम आगे नहीं बढ़ाया, जिसकी वजह से नकली शराब बनाने वालों को हौसले बुलंद हैं। यह लोग बड़े स्तर पर नकली शराब बना रहे हैं। इसकी पुष्टि इससे होती है कि विगत माह कोतवाली पुलिस ने ओपी से भरे पांच ड्रम बरामद किए थे, जो ट्रांसपोर्ट के जरिए मंगवाए गए थे। एसएसपी मनोज तिवारी ने बताया कि एक ड्रम ओपी से करीब आठ सौ बोतल शराब बनाई जाती है।
इंसेट
मिथाइल अल्कोहल की शराब से होती है मौत
मिथाइल अल्कोहल से भी शराब बनाई जाती है। यह गुजरात से टैंकरों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की कई कंपनियों में आता है। हाईवे किनारे बने ढाबों पर चालक टैंकरों को खड़ा कर लेते हैं। ढाबों पर इसे निकाल लिया जाता है। इससे बनने वाली शराब तीव्र होती है। कलर एक जैसा ही होता है, गंध भी एक सी ही आती है। इसके ज्यादा सेवन से मौत भी हो जाती है।
क्या है मिथाइल व इथाइल अल्कोहल
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मिथाइल अल्कोहल को बुड्स अल्कोहल भी बोलते हैं। इसका प्रयोग पैंट बनाने वाली कंपनियां करती हैं। यह ज्वलनशील होता है। इसको पीने से आंख की रोशनी, लीवर व किडनी खराब हो जाती है। इसके सेवन से मौत भी हो जाती है।
इथाइल अल्कोहल शुगर के श्रोत गन्ना, अंगूर, जौ, गुड़, महुआ आदि से बनता है। इससे शराब बनाई जाती है। इसके सेवन करने से तुरंत शरीर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। लंबे समय तक लगातार पीने से किडनी व लीवर प्रभावित होते हैं।
यह है पुलिस की सफलता का आंकड़ा
पुलिस के आंकड़ों के अनुसार जनवरी से 15 जुलाई तक पुलिस 741 लोगों को अवैध शराब के साथ गिरफ्तार कर चुकी है। 705 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। पकड़े गए लोगों से 33227 लीटर अवैध शराब बरामद हुई है।
वर्जन:-
अवैध शराब को लेकर पुलिस लगातार अभियान चला रही है। अवैध शराब के साथ पकड़े गए लोगों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट में कार्रवाई की जाएगी।
मनोज तिवारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक