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और लड़की की शिकायत कर दी थी अनसुनी

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शिकायत अनसुनी कर गए थे लड़के के परिजन, लड़की को ही दे डाली थी उलाहना
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झांसी/एरच। छेड़खानी से तंग आकर आत्महत्या करने वाली नाबालिग के परिजनों के पास रविवार को राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. कंचन जायसवाल पहुंचीं। उन्होंने परिजनों से घटना की बिंदुवार जानकारी ली। इस दौरान लड़की के परिजनों ने आयोग की सदस्य को बताया कि लड़के की हरकतों की शिकायत उन्होंने उसके परिवार के लोगों से की थी। लेकिन, उन्होंने अनसुनी कर दी थी, बल्कि उन्होंने लड़की को ही उलाहना दे दी थी। मृतका के परिजनों ने कहा कि यदि लड़के के परिजन उसे समझा देते, तो शायद उनकी बेटी आत्महत्या जैसा कदम नहीं उठाती।
आयोग की सदस्य को मृतका के परिजनों ने बताया कि एक नवंबर को घर में घुसकर हुई छेड़खानी की शिकायत उन्होंने लड़के के परिजनों से की थी। लेकिन, वे मानने का तैयार नहीं हुए। लड़के को समझाने या डांटने की बजाय लड़की को ही उलाहना देने लगे। उन्होंने कहा कि हमारा लड़का ऐसा नहीं है, आप अपनी लड़की को ही समझाइये। ये सब बातें लड़की भी सुन रही थी। अपने पर लगाए जा रहे झूठे आरोपों को वो सुनते हुए रोते जा रही थी। ये बातें उसके दिल में घर कर गईं और उसने छेड़खानी से आजिज आकर आत्महत्या जैसा कदम उठा लिया।
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लड़की के पिता ने आयोग की सदस्य से न्याय के साथ सुरक्षा दिलाने की मांग की। डॉ. जायसवाल ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि उनको इंसाफ दिलाया जाएगा। घटना के दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी। इस दौरान लड़की की मां का रो - रोकर बुरा हाल रहा। उन्होंने भी आरोपियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। इस दौरान डॉ. कंचन जायसवाल ने कहा कि पीड़ित परिवार को शासन से आर्थिक सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। महिलाओं और लड़कियों को परेशान करने और उनके साथ होने वाली घटनाओं को महिला आयोग बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह की घटनाओं को रोकने का प्रयास कर रही है। इसीलिए हर थाने में महिला हेल्प डेस्क बनाई गई है। हेल्प डेस्क पर महिला कर्मी शिकायत दर्ज करेगी। कोई भी महिला शिकायत दर्ज करा सकती है। इसके बाद आरोपियों पर पुलिस कार्रवाई करेगी।
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थाने में दर्ज शिकायतों की भी ली जानकारी
एरच। छेड़छाड़ से परेशान छात्रा के जान देने के मामले के बाद राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. कंचन जायसवाल ने थाने पर जाकर के महिला हेल्प डेस्क की जानकारी ली। महिला डेस्क पर तैनात सिपाही से दर्ज की गईं शिकायतों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि थाने में आने वाली महिलाओं की शिकायतें गंभीरता से सुनीं जाएं।
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