- जलसंस्थान के अफसर अनजान
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बढ़ती गर्मी में महानगर के लोग जल संकट से जूझ रहे हैं। महानगर में 60 टैंकरों से तमाम इलाकों में पेयजल आपूर्ति की जा रही है। वहीं टैंकर चालकों ने प्यासी जनता से टैंकर टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है। आलम यह है कि टैंकर चालक हर घर से 20 रुपये तक वसूल रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर टैंकर चालकाें को तय रकम नहीं देते हैं, तो अगले दिन पानी न देने की बात कही जाती है। साथ ही जलसंस्थान के फिल्टर तक लाेगों को जाना पड़ता है। हालांकि जलसंस्थान के अफसरों ने टैंकर चालकों द्वारा की जा रही वसूली की बात से इन्कार किया है।
महानगर में हर साल गर्मियों में पेयजल संकट गहरा जाता है। तमाम इलाकों में जलस्तर नीचे चले जाने से जलसंस्थान टैंकर भेजकर पेयजल आपूर्ति करता है। इस बार महानगर में 60 टैंकरों के जरिये 260 स्थानों पर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। जलसंस्थान ने निजी संस्था को पेयजल आपूर्ति का ठेका दिया है। ठेकेदार को टैंकर से पानी की आपूर्ति करने का भुगतान जल संस्थान करता है फिर भी टैंकर संचालक प्रत्येक घर से वसूली कर रहे हैं।
शुक्रवार को उनाव गेट बाहर क्षेत्र के लोगों ने बताया कि मोहल्ले में मुख्य सड़क पर बने प्वाइंट से पानी भरने वाले हर घर से 10 रुपये और गलियों के घरों से 20 रुपये लिए जाते हैं। लोग बताते हैं कि चालक को खुश रखने के लिए कुछ लोग रुपये देते हैं ताकि समय पर पानी का टैंकर आ जाए। यदि रुपये नहीं देते हैं, तो अगले दिन पानी का संकट हो जाता है। ऊपर से जलसंस्थान के फिल्टर तक चक्कर लगाना पड़ता है।
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रोज 2.40 लाख की अतिरिक्त कमाई
महानगर की जनता से टैंकर चालक 2.50 लाख की अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं। जलसंस्थान 60 टैंकरों से महानगर में पेयजल आपूर्ति करता है। टैंकर रोज 1200 चक्कर लगाते हैं। जलसंस्थान टैंकर संचालन करने पर ठेकेदार को 239 रुपये प्रति चक्कर देता है। ऐसे में ठेकेदारों को जलसंस्थान से रोज 2.86 लाख रुपये का भुगतान होता है। वहीं लोग बताते हैं कि प्रति चक्कर एक मोहल्ले से टैंकर चालक अतिरिक्त 200 रुपये तक वसूलते हैं। ऐसे में 1200 चक्कर के हिसाब से यह रकम 2.40 लाख रुपये होती है।
कहते हैं लोग
हर घर से 20 रुपये टैंकर चालक को दिए जाते हैं। रुपये नहीं देते हैं, तो अगले दिन पानी की संकट खड़ा हो जाता है।
कविता कुशवाहा, गणेश स्कूल के पास उनाव गेट बाहर
टैंकर चालक को 20 रुपये नहीं देंगे तो पानी नहीं आएगा और संकट खड़ा हो जाएगा। इसलिए रुपये देने ही पड़ते हैं।
दीपा कुशवाहा, उनाव गेट
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टैंकर आता है, तो संबंधित घरों से 20-20 रुपये लेकर दे दिए जाते हैं। ऐसा नहीं करेंगे तो पानी की दिक्कत हो जाएगी।
श्यामलाल माली, उनाव गेट बाहर
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हमारे प्वाइंट पर तो टैंकर चालक को 10-10 रुपये देते हैं। वह रुपये नहीं मांगते मगर नहीं देंगे तो अगले दिन दिक्कत होगी।
शैलेंद्र, उनाव गेट बाहर
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टैंकर समय पर आए, इसलिए टैंकर चालक को 10-10 रुपये देते हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। समय पर पानी तो मिलता है।
मुन्ना, उनाव गेट बाहर
0-वर्जन
अभी तक तो किसी ने भी ऐसी शिकायत नहीं की है। यदि कोई शिकायत करेगा तो निश्चित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई होगी।
- मनोज कुमार आर्य, महाप्रबंधक, जलसंस्थान