झांसी। कोरोना वायरस के चलते परीक्षा स्थगित होने पर अगली कक्षा में प्रमोट किए गए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय और कॉलेजों के प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं की 15 अप्रैल से वार्षिक परीक्षाएं शुरू हो रही हैं। चूंकि, दूसरे साल में परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर ही विद्यार्थियों को प्रथम वर्ष के अंक मिले हैं। ऐसे में दूसरे साल में फेल होने वाले छात्रों को प्रथम वर्ष में भी अनुत्तीर्ण (फेल) माना जाएगा।
बीयू में पिछले साल कॉलेजों की वार्षिक परीक्षाएं दो मार्च से शुरू हुई थीं। इसके लिए 180 सेंटर बनाए गए थे। दो सप्ताह तक परीक्षाएं चलने के बाद कोरोना के चलते स्थगित कर दी गईं। लगातार कोरोना के मामले बढ़ने की वजह से अंत में सरकार ने अंतिम वर्ष को छोड़कर सभी परीक्षार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया। इस बार बीए, बीएससी, बीकॉम, एमए और एमकॉम की वार्षिक परीक्षाएं 15 अप्रैल से शुरू होंगी। लगभग दो लाख छात्र-छात्राएं परीक्षा में बैठेंगे।
चूंकि, स्नातक और परास्नातक के द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं को अगली कक्षा में प्रमोट करने पर पहले साल में प्राप्त अंकों के आधार पर नंबर दे दिए गए। जबकि, अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की परीक्षा कराई गई। वहीं, प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को दूसरी कक्षा में प्रमोट करने पर अंक देने का कोई आधार नहीं मिला। ऐसे में इन विद्यार्थियों के इस बार की परीक्षा के आधार पर प्रथम वर्ष के नंबर दिए जाएंगे। परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव ने बताया कि यदि कोई छात्र द्वितीय वर्ष की परीक्षा में फेल हो जाता है तो उसे प्रथम वर्ष में भी अनुत्तीर्ण माना जाएगा। पास होने वालों को भी प्राप्त अंकों के आधार पर प्रथम वर्ष में नंबर दिए जाएंगे। वहीं, जिनका बैक पेपर रह गया है, उसमें पास होने पर ही उत्तीर्ण माना जाएगा।