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घंटी तो जाती है पर बात नहीं होती है

Mon, 30 May 2016 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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mobil, jhansi news - फोटो : demo
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झांसी। किसी भी विभाग में बना कंट्रोल रूम ही यदि बंद हो जाए और कर्मचारी अन कंट्रोल, तो फिर जनता कहां शिकायत करे। कहां अपनी परेशानी बताए। कुछ ऐसा ही हो रहा है नगर निगम में। यहां बना कंट्रोल रूम काफी समय से बंद है। इसका टोल फ्री नंबर चालू है या बंद अफसरों को भी नहीं मालूम। फोन करने वाले को घंटी जाने की आवाज सुनाई देती है, लेकिन फोन का इंस्टूमेंट गायब होने से कॉल रिसीव ही नहीं हो पाती है। इससे शिकायतकर्ता को परेशानी होती है।
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नगर निगम के पुराने भवन के एक कमरे में विभाग ने कंट्रोल रूम खोल रखा है। इसमें बाकायदा कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई थी। लेकिन समय के साथ-साथ कंट्रोल रूम बंद हो गया। कर्मचारियों को अन्य विभागों एवं कार्यों में समायोजित कर दिया गया। वहां लगा टोल फ्री नंबर 18001805140 भी बंद हो गया।

नगर निगम ने कुछ समय तो इसका बिल जमा किया, मगर बाद में बीएसएनएल ने इसे काट दिया। इस नंबर पर बस रिंग जाती है, बात नहीं होती। नगरवासी शिकायत दर्ज कराने के लिए नगर निगम कार्यालय में भटकते रहते हैं।
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आईटी विभाग को नहीं मालूम नंबर
नगर निगम के आईटी विभाग को भी नहीं मालूम है कि कंट्रोल रूम का टोल फ्री नंबर क्या है। नगर निगम के एक अधिकारी ने आईटी विभाग के कर्मचारी से नंबर की जानकारी ली तो उन्होंने जानकारी होने से इंकार कर दिया।

टोल फ्री नंबर की फाइल गायब
जब अपर नगर आयुक्त ने टोल फ्री नंबर की फाइल अकाउंट विभाग से तलब की तो अफरा-तफरी मच गई। कुछ समय बाद वहां के बाबू ने आकर बताया कि इस नंबर की कोई फाइल उनके रिकॉर्ड में ही नहीं है। इस पर उन्हें फटकार मिल गई, मगर फाइल अभी तक नहीं मिली।

बिल जमा हो रहा या नहीं, कुछ नहीं पता
अपर नगर का कहना है कि विभाग लगातार बीएसएनएल को न्यूनतम (मिनिमम) चार्ज का भुगतान कर रहा है। कई बार पत्र लिखे मगर फोन चालू नहीं किया गया। उधर, फाइल न होने पर जब बिल के भुगतान की जानकारी ली गई तो अकाउंट विभाग के बाबू ने बताया कि जब नंबर ही नहीं तो बिल किस बात का जमा करेगा नगर निगम।
 
बरसात में चालू होता था कंट्रोल रूम
वैसे तो साल भर चलने वाला यह कंट्रोल रूम मुख्यत: बरसात के दिनों में काम करता था। जहां भी बरसात अधिक हुई, जलभराव हुआ या फिर नाले उफना गए तो कंट्रोल रूम में शिकायत मिलते ही वहां तत्काल राहत कार्य शुरू कर दिए जाते थे। कंट्रोल रूम ही बंद है तो फिर बरसात में कैसे मदद करेगा नगर निगम।


‘यह गंभीर मामला है। विभाग में लगे टोल फ्री नंबर की फाइल ही गायब है। इसकी जांच कराई जाएगी और जिस स्तर पर गड़बड़ी मिली, संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’
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- रोहन सिंह, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, झांसी
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