झांसी। कार्यदायी संस्थाओं द्वारा यदि रिवाइज स्टीमेट शासन को भेजा गया तो निर्माण की बढ़ी लागत संबंधित अफसर की वेतन से काटी जाएगी। निर्माण एजेंसियां कार्य हेतु उपलब्ध राशि से ही निर्माण कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित करें।
यह निर्देश मंडलायुक्त ने कैंप आफिस में राजकीय निर्माण निगम द्वारा कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए दिए।
उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य समय पर पूर्ण कराने के लिए प्रतिमाह कार्य का लक्ष्य निर्धारित कर उसकी मॉनीटरिंग करें और उसे पूरा कराएं।
यह तय करें कि निर्माण कार्य निर्धारित समय में ही पूरा हो, यदि ऐसा नहीं होता है तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। ध्यानचंद स्टेडियम में बने एस्ट्रोटर्फ व स्टेडियम निर्माण की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को कहा। सीढ़ी व बाउंड्री निर्माण का कार्य फरवरी माह तक व एस्ट्रोटर्फ बेस का निर्माण 31 मार्च तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता आरपी सिंह ने बताया कि दो करोड़ 32 लाख रुपये की लागत का एस्ट्रोटर्फ नीदरलैंड से आ रहा है। इसकी सात साल की वारंटी रहेगी, उसे बिछाने के कार्य में सावधानी और गुणवत्ता का ध्यान रखा जाएगा।
मंडलायुक्त ने 36448.87 लाख की लागत से बनाये जा रहे पैरामेडीकल कालेज के कार्य की समीक्षा करते हुए अधूरे कार्यों की शीघ्र पूरा कराने को कहा। 31525.51 लाख रुपये निर्माण कार्य में खर्च हो चुके हैं। जो निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, उन्हें हैंडओवर कर दिया जाए। प्रोजेक्ट मैनेजर मुकेश सिंघल ने बताया कि पैरामेडीकल में कई निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं, परंतु स्टाफ न होने के कारण हस्तांतरण नहीं किया जा रहा है।
बैठक में उप्र बीज विकास निगम चिरगांव, महारानी लक्ष्मीबाई मेडीकल कालेज झांसी में 500 बैड के विस्तारीकरण का निर्माण कार्य, सीएचसी मोंठ, आर्य कन्या महाविद्यालय झांसी, जिला कारागार की बाउंड्री निर्माण, राजकीय हायर सेकेंड्री स्कूल ग्राम खड़ौरा निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई।