झांसी। लॉकडाउन के चलते सब कुछ बंद है, लेकिन स्कूल से आ रहे फीस जमा करने के संदेश अभिभावकों की मुसीबत बढ़ा रहे हैं। लॉकडाउन के दौरान रोजगार ठप हो गया है, ऐसे में बच्चों की फीस जमा करने में अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।अभिभावकों का कहना है कि स्कूल फीस माफ कर जरुरतमंदो और गरीबों की मदद करें। फीस को लेकर मम्मियों की टेंशन भी बढ़ी हुई है।
कहती हैं मम्मियां
लॉकडाउन में रोजगार के साधन पूरी तरह से बंद हो गए हैं। इसे लेकर स्कूलों को पहल करनी चाहिए कि वे तीन महीने की फीस न लें और लोगों की मदद करें।- मीनाक्षी, आशिक चौराहा
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रोजगार और काम सब कुछ ठप पड़ा हुआ है। इस पर स्कूल से आ रहे फीस जमा करने के मैसेज सिरदर्द बढ़ा रहे हैं। फीस माफ कर राहत दी जाए।- स्वीटी साहू, दतिया गेट
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लॉकडाउन के दौर में सरकार हर वर्ग की मदद कर रही है। सरकार को फीस माफी को लेकर पहल करनी चाहिए। ताकि गरीब और जरुरतमंद लोगों को राहत मिले।- कुमुदनी शर्मा, पानी वाली धर्मशाल
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विद्यालय हर साल फीस बढ़ा देते हैं। किताबें भी बढ़ जाती हैं। आपदा के दौर में स्कूल प्रबंधन को फीस माफी करके सबकी मदद करनी चाहिए।- सीमा शर्मा, नई बस्ती
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लोेग रोजमर्रा की चीजें भी नहीं जुटा पा रहे हैं। ऐसे में स्कूल की फीस भरना सबके बस की बात नहीं है। इसमेें स्कूल राहत दें।- वंदना नाहर, पठौरिया
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फीस माफी हो जाएगी, तो कुछ राहत मिल सकेगी। काम ठप होने से हजारों रुपये की फीस भरना मुश्किल लग रहा है। स्कूलों को पहल करनी चाहिए।- स्वाती बिरथरे, मेहंदी बाग