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लॉकडाउन में गांव-गांव पहुंचना था जहरीली शराब का जखीरा

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झांसी। चार अप्रैल को थाना प्रेमनगर में पकडे़ गए अवैध शराब के तस्कर लॉक डाउन में गांव-गांव तक जहरीली शराब पहुंचाने के प्रयास में थे। इसके लिए बड़ी मात्रा में अवैध शराब भी तैयार कर रखी थी। गिरफ्तार कर जेल भेजे गए चारों आरोपियाें से पता चला है कि टीम के कई साथी भी इस अवैध कारोबार में शामिल थे। इनको पकड़ने के लिए पुलिस दबिश दे रही है। सरगना कोतवाली क्षेत्र के चंद्रशेखर आजाद मोहल्ला निवासी प्रदीप ओमहरे बताया गया है।
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प्रेमनगर व एसओजी टीम ने नयागांव महावीरन चौराहे पर एक पिकअप गाड़ी को पकड़ा था। गाड़ी से ओपी केमिकल, देशी शराब की खाली बोतलें, क्वार्टर व अन्य जहरीली शराब बनाने के सामान मिले थेे। मौके से रक्सा क्षेत्र के कोटखेरा व हाल बैंकर्स कॉलोनी लहरगिर्द निवासी चालक प्रमोद राय को पकड़ लिया। उसकी निशानदेही पर इस धंधे से जुड़े प्रेमनगर क्षेत्र के राजीव नगर निवासी महेंद्र राय व बड़ागांव के गांव लेवा व हाल सांई मंदिर के पास पाल कॉलोनी निवासी सुनील कुमार समेत कोतवाली क्षेत्र के चंद्रशेखर आजाद मोहल्ला निवासी प्रदीप ओमहरे को भी गिरफ्तार कर लिया था।
बताया गया है कि लॉकडाउन के दौरान शराब की दुकानें बंद होने के चलते मिलावटी शराब बनाकर गांव-गांव तक बेचने की तैयारी कर रखी थी। अवैध कारोबार का सरगना प्रदीप ओमहरे बताया गया है। जो पहले भी अवैध शराब बनाने के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस की सख्ती न होने के कारण वह जेल से बाहर पुन: अवैध कारोेबार करने लगता है।
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बना रहे नकली बार कोड
विभाग की आंखों में धूल झोंकने के लिए नकली बार कोड भी तैयार किए जा रहे हैं। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में नकली बार कोड भी बरामद किए थे। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आखिर ये नकली बार कोड कहां से आ रहे हैं।
नामचीनों ने बनाया था छोड़ने के लिए दबाव
आरोपी प्रदीप ओमहरे की नामचीनों में भी खासी पैठ है। गिरफ्तारी की खबर मिलने के बाद महानगर के कई नामचीनों ने पुलिस पर दवाब भी बनाया था, लेकिन बात नहीं बन सकी। बताया गया है कि चर्चित नामचीन पुलिस से खफा भी हो गए हैं।
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