संवाद न्यूज एजेंसी
एरच। दो दर्जन गांवों की सेहत की देखभाल करने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बनाए जाने की जरूरत है। इसको लेकर कई बार मांग की जा चुकी है। लेकिन, कोई सुनवाई नहीं की गई। गांव लभेरा, गोती, कठर्री, गेंदाकबूला, जुझारपुरा, रोतानपुरा, शमसेरपुरा, झबरा, जखनवारा, डिकोली, इसकिल, नेकेरा, गोरा, भदरवारा, अहरौरा, रियां, देवरा सहित कई गांव के मरीज एरच पीएचसी पर जाते हैं। लेकिन, सुविधाएं कम मिल पाती हैं। इससे मरीजों बामौर और सीएचसी मोंठ जाना पड़ता है।
एरच पीएचसी को सीएचसी बनाए जाने की मांग 15 साल से की जा रही है। स्वास्थ्य केंद्र को उच्चीकृत बनाए जाने का लेकर दो वर्ष पहले शासन को रिपोर्ट भी भेजी गई थी। लेकिन, मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया। सीएचसी बनने से डॉक्टरों की संख्या में वृद्धि के साथ अन्य सुविधाएं भी बढ़ाई जाएंगी। माना जा रहा है कि डिफेंस कॉरिडोर में आने से इस क्षेत्र विस्तारीकरण तय है। इसलिए भी सीएचसी बनाया जाना जरूरी है। गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने कहा कि सीएचसी बनाए जाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उच्च अधिकारियों को भी अवगत कराया गया है।