सुकुवां ढुकुवां बांध पर जल विद्युत परियोजना के काम ने गति पकड़ ली है। बांध पर टेहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन (टीएचडीसी) ने सिविल कार्य शुरू कर दिया है। यह परियोजना तीस माह में पूरी होगी। इसके बाद बांध पर स्थापित होने वाले थर्मल पावर से आठ- आठ मेगावाट की तीन इकाइयों से 24 मेगावाट बिजली बनना शुरू हो जाएगा।
प्रदेश सरकार ने सुकुवां ढुकुवां बांध पर पानी की उपलब्धता को देखते हुए पांच साल पहले जल विद्युत प्लांट लगाकर 24 मेगावाट बिजली उत्पादन की योजना को स्वीकृति प्रदान की थी। इस प्लांट को लगाने का काम केंद्र व राज्य सरकार के उपक्रम टीएचडीसी लिमिटेड को सौंपा गया है। सवा दो सौ करोड़ की इस योजना पर टीएचडीसी ने बांध का सिविल वर्क का काम शुरू कर दिया है। सिविल वर्क के बाद मशीनों को लगाने का काम शुरू होगा। यह परियोजना तीस माह में पूरी होगी। तत्पश्चात यहां स्थापित होने वाली आठ- आठ मेगावाट की तीन इकाइयों से उत्पादन शुरू हो जाएगा। योजना के तहत बांध के निकट एक थर्मल पावर प्लांट बनाया जाएगा, जिसके लिए वन विभाग से 39 हेक्टेयर जमीन ली गई है।
मालूम हो कि, अभी माताटीला बांध पर ग्यारह- ग्यारह मेगावाट की तीन जल विद्युत इकाइयां स्थापित हैं। सुकुवां ढुकुवां बांध पर जल विद्युत उत्पादन शुरू होने से 24 मेगावाट बिजली झांसी जनपद को मिलने लगेगी। एक मेगावाट में एक हजार वाट होते हैं। अगर एक घर में दो किलोवाट का भार है तो इस हिसाब से 24 मेगावाट में बारह हजार घरों को बिजली दी जा सकती है। इस उत्पादन से दो बिजली घरों से जुड़े क्षेत्रों को रोशन किया जा सकता है। गर्मियों मेें जब बिजली संकट बढ़ता है तो ऐसे समय में यह योजना लोगों के लिए बेहद ही लाभदायक साबित होगी।