संलेखना पर हाईकोर्ट के फैसले के विरोध में सोमवार की सुबह जैन समाज के
हजारों अनुयायियों का सैलाब सड़कों पर उतर पड़ा। हाल यह था कि जुलूस का एक
सिरा रानीमहल पर तो दूसरा सिरा मिनर्वा चौराहा पर था। रानी महल से शुरू हुए
जुलूस में विभिन्न आयु वर्ग क ी महिला, पुरुषों समेत बच्चे भी शामिल हुए।
इस दौरान लोगों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर व बैनर-स्लोगन लिखी तख्तियां
के जरिए विरोध जताया।
मौन जुलूस में शामिल पुरुष श्वेत एवं महिलाएं
केसरिया वस्त्र पहने क्रमबद्ध रूप से मिनर्वा चौराहा, न्यू रोड, गोविंद
चौराहा, झोकनबाग से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। जैन धर्मावलंबी संथारा
जीवन भर की तपस्या का फल है, जैन धर्म आत्म साधना को स्वीकार करता है, आत्म
हत्या को नहीं, संथारा साधना है आदि स्लोगन लिखे तख्तियां हाथों में लिए
हुए थे। कलेक्ट्रेट में पहुंचने के पश्चात महिलाओं ने मंत्र जाप किया। वहीं
नगर विधायक रवि शर्मा ने जैन समाज के समर्थन में मुंडन कराया। इस मौके पर
पूर्व केंद्रीय प्रदीप जैन आदित्य ने कहा कि संलेखना अनादि काल से चली आ
रही एक धार्मिक परंपरा है, जिसका निर्वहन जैन तीर्थंकर, श्रमण व श्रमणी
करते आए हैं। उन्होंने समाज से आत्म संलेखना के पक्ष में पोस्टकार्ड अभियान
चलाने एवं एक घंटे प्रतिदिन णमोकार मंत्र जाप करने की अपील की। व्यापारी
नेता अशोक जैन ने कहा कि संलेखना एक आत्म शांति का मार्ग है तथा
सर्वश्रेष्ठ अहिंसक साधना है। नगर विधायक ने संलेखना को जैन संतों की तप
चर्या का एक आवश्यक अंग बताया। इस मौके पर जैन समाज के अनुयायियों ने
राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम अनुराग यादव को
दिया।
इस अवसर पर श्री दिगंबर जैन पंचायत समिति, जैन मिलन, दिगंबर जैन
सोशल ग्रुप, दिगंबर जैन महासमिति, पावागिरि शिक्षण संस्थान, भारतीय जैन
संघटना, विशुद्ध चेतना संघ, महिला जागृति मंच, युवा संघटन, वर्धमान सेवा
समिति, महावीर लोक कल्याण समिति, राष्ट्रीय जैन राजनीतिक चेतना मंच, धर्म
बचाओ आंदोलन समिति आदि संगठनों के सदस्यों व पदाधिकारियों में शैलेंद्र
जैन, दिनेश कुमार जैन डीके, कैलाश चंद्र जैन, जिनेंद्र जैन, ललित जैन, रमेश
चंद्र जैन अछरौनी, अजीत कुमार जैन, कमल जैन, सुनील जैनको, बिपिन जैन, अशोक
जैनिथ, कैलाश चंद्र वर्धमान, प्रवीण कुमार जैन, निलय जैन, अजीत कुमार जैन,
शशि जैन, प्रभा जैन, पिंकी जैन, ममता जैन, विद्या जैन, पिंकी जैन, भुवनेश
वर्मा, अनिल जैन, राजीव सिर्स, विनोद कुमार जैन, पुखराज जैन, सुयोग भंडारी,
सौरव जैन, भाग चंद्र जैन, मुकेश जैन, कुंदन लाल सतभैया, अरुण टडैया, राजीव
जैन, पदम चंद्र जैन, रवींद्र जैन टाइटन, अशोक जैन, अजय जैन, ऋषभ जैन,
सुकमाल जैन, अमित प्रधान, डॉ. हीरालाल जैन, सुभाष जैन आदि रहे।
संलेखना
पर दिए फैसले के विरोध में विभिन्न व्यापारिक व राजनीतिक संगठनों ने जैन
समाज का समर्थन किया है। उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल क ी केंद्रीय कार्यालय
में हुई बैठक में प्रांतीय अध्यक्ष संजय पटवारी, जिलाध्यक्ष अरुण गुप्ता,
सौरभ हयारण आदि ने जैन समाज के आंदोलन को समर्थन देने का निर्णय किया।
कांग्रेस के प्रदेश संगठन मंत्री अरविंद कुमार वशिष्ठ, जय बुंदेलखंड
व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष विजय जैन, प्रदेश महामंत्री प्रमोद किलपन,
सूर्यप्रकाश अग्रवाल आदि, जन नाट्य मंडल सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष मुकेश
सिंघल, शीलू पंडित, मनोज शर्मा आदि ने जैन समाज के आंदोलन को समर्थन दिया।