हैदराबाद में महिला डॉक्टर के साथ हुई हैवानियत के विरोध में अमर उजाला की ओर से आज झांसी के इलाइट चौराहे से शाम पांच बजे से कैंडल मार्च निकाला गया। यह मार्च रानी लक्ष्मीबाई पार्क पर पहुंचकर समाप्त हुआ। इस मार्च में भारी संख्या में अमर उजाला के पाठकों ने हिस्सा लिया और पीड़िता को श्रद्धांजलि दी।
इसके साथ ही झांसी में ‘अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत रविवार को संवाद का आयोजन भी किया गया, जिसमें महानगर के कई बुद्धिजीवियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में तेलंगाना में महिला चिकित्सक के साथ हुई बर्बरता के मुद्दे पर सभी ने एक सुर में कहा कि आरोपियों को तत्काल मौत की सजा दी जानी चाहिए।
इसके साथ ही जरूरी है कि कानूनी लड़ाई लंबी न चले। जब घटना सबके सामने है और घटना को अंजाम देने वाले भी सामने हैं, तो फिर न्याय में देर नहीं होनी चाहिए। न्यायालय को तत्काल मौत की सजा सुनानी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि आगे से फिर कभी इस तरह की घटनाएं न हों इसलिए कानून को और सख्त बनाया जाना चाहिए, ताकि अपराधी अपराध करने से पहले कई बार सोचे।
अमर उजाला संवाद में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. कंचन जायसवाल, जिला अधिवक्ता संघ के सचिव प्रणय श्रिवास्तव, सेवानिवृत्त उप निदेशक (शिक्षा) नीना उदैनिया, बिपिन बिहारी महाविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य डा. एमएम पांडेय, मेडिकल कालेज के सर्जन डा. पंकज सोनकिया, क्रिमिनल एडवोकेट रजनी जैन, समाजसेवी आकांक्षा रिछारिया, इंजीनियरिंग कॉलेज की डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट डॉ. शहनाज अयूब, बुंदेलखंड प्राइवेट टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. फिरोज खान, समाजसेवी प्रदीप तिवारी, पार्षद अंशू राय व डॉ. नीलम आनंद मौजूद रहीं।
झांसी के अलावा अमर उजाला अपराजिता के तहत अलीगढ़ के आईआईएमटी कालेज कैम्पस में भी हैदराबाद कांड को लेकर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान रेडियो जॉकी कल्पना, अवर लेडी फातिमा स्कूल की स्पोर्ट्स टीचर कंचन राघव, डांस टीचर/कोरियोग्राफर अंबिका की अगुवाई में कई अपराजिताओं ने अपने विचार रखे।