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Jhansi News: दहेज हत्या में दोष सिद्ध पति, सास-ससुर को कठोर कारावास

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अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। दहेज हत्या के मामले में पति और सास-ससुर को दोषी करार देते हुए अपर सत्र न्यायाधीश देवाशीष की कोर्ट ने पति को 10 साल एवं सास-ससुर को सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर 3-3 हजार रुपए के अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक नई दिल्ली निवासी नीलम श्रीवास्तव ने मऊरानीपुर थाने में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था उसकी बेटी कृति श्रीवास्तव (22) की शादी 24 मई 2015 को लहचूरा के सिजारी बुजुर्ग गांव निवासी अतुल खरे से हुई थी। अतुल मऊरानीपुर के लोहिया कॉलोनी में रहता है। शादी के बाद से पति, ससुर रमेश खरे और सास आशा खरे दहेज की मांग को लेकर बेटी से मारपीट करने लगे।
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वे मायके से कार लेकर आने का दबाव बनाने लगे। समय के साथ प्रताड़ना बढ़ती चली गई। 9 मार्च 2016 को फोन के जरिए पता चला कि कृति की तबीयत खराब है। किसी ने कृति से बात नहीं कराई तो शक हुआ। तब उन्होंने पुलिस थाने में फोन लगाया। तब पता चला कि कृति की मौत हो चुकी है। उसकी लाश मऊरानीपुर अस्पताल में रखी है। नीलम की तहरीर पर मऊरानीपुर पुलिस ने दहेज हत्या समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। पुलिस ने पति, सास-ससुर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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विवेचना के बाद तीनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। आरोप पत्र दाखिल किया गया। लंबी सुनवाई के बाद कोर्ट ने तीनों को दोषी माना। पति अतुल खरे को 10 साल के कारावास और ससुर रमेश खरे और सास आशा खरे को 7-7 साल के कारावास से दंडित किया है।
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