झांसी। दहेज हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश ने पति समेत सात को दोषी करार देते हुए सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। हत्यारोपियों ने विवाहिता के साथ मारपीट करके उसे रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया था। उस दौरान वह गर्भवती थी। न्यायालय के आदेश के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
विशेष लोक अभियोजक कपिल करौलिया एवं केशवेंद्र प्रताप सिंह के मुताबिक 20 मार्च 2016 को झांसी रेलवे स्टेशन के पास रेल पटरी पर राधा पुत्री बृजलाल निवासी बबीना का शव मिला था। उसके भाई उमेश ने दहेज उत्पीड़न में हत्या का आरोप लगाते हुए राधा के पति चंद्रशेखर पिता जगदीश, देवर दीपक, सास राजकुमारी, देवरानी रानी, ननद रीतू एवं ननदोई राजेश के खिलाफ थाना नवाबाद में मुकदमा दर्ज कराया था।
उमेश ने पुलिस को बताया कि चंद्रशेखर आरोपियों के साथ राधा का लगातार दहेज के लिए उत्पीड़न कर रहा था। घटना से दस दिन पहले इन लोगों ने राधा की जमकर पिटाई की थी। नवाबाद थाने में इसकी शिकायत भी दर्ज कराई गई। हालांकि उस दौरान मामला किसी तरह निपट गया। इसके बाद 20 मार्च को आरोपियों ने फिर राधा की निर्मम पिटाई की। मारपीट के बाद जब वह अचेत हो गई तब उसे गंभीर रूप से घायल अवस्था में रेलवे ट्रैक में फेंककर भाग गए। गंभीर रूप से घायल होने से उसकी मौत हो गई। उस दौरान राधा गर्भवती थी। मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने विवेचना आंरभ की।
न्यायालय ने पूरे मामले का परीक्षण करने के बाद आरोपियों को दोषी पाते हुए आज सजा सुनाई। विशेष न्यायाधीश जयतेंद्र कुमार की कोर्ट ने आरोपियों का अलग-अलग धाराओं में अलग-अलग सजा सुनाई है। चंद्रशेखर को 304बी का दोषी पाते हुए अजीवन सश्रम कारावास, जगदीश, दीपक, राजकुमारी, रानी, राजेश एवं रीतू को भी सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। इसके अलावा चंद्रशेखर समेत जगदीश, दीपक, दीपू, राजकुमारी, रानी, राजेश, रीतू को धारा 418 ए, धारा चार दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत भी दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई गई है। सश्रम कारावास के साथ ही आरोपियों पर न्यायालय ने जुर्माना भी लगाया है। सजा सुनाने के बाद न्यायालय ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया।