झांसी। सिंचाई बंधु की बैठक में किसानों ने सिंचाई के लिए पानी न मिलने पर जमकर हंगामा किया। नाराज किसानों का कहना था गेहूं की फसल तैयार होने को है लेकिन, पानी नहीं दिया जा रहा। इससे फसल के सूखने का खतरा पैदा हो गया। गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत ने भी खेतों में पानी न पहुंचने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए अभियंताओं को पानी मुहैया कराने को कहा।
गांधी सभागार में मंगलवार को हुई सिंचाई बंधु की बैठक के दौरान नहरों में पानी न होने का मुद्दा खास तौर से छाया रहा। किसानों ने कहा कि पहूज एवं डोंगरी बांध से पानी नहीं मिल रहा। इस वजह से दर्जनों गांव में फसल के सूखने का खतरा पैदा हो गया। किसान नेता महेश शर्मा ने कहा कि पहूज बांध से अतरोई टेल तक पानी भेजा जाता है लेकिन, टेल तक पानी नहीं पहुंच सका है। उन्होंने 17 फरवरी तक का अल्टीमेटम देते हुए पानी न पहुंचने पर आंदोलन करने की बात कही। इसी बीच बैठक में गरौठा विधायक जवाहर लाल राजपूत भी पहुंच गए। उनके पहुंचते ही किसानों ने अपनी तमाम समस्याएं गिननी शुरू कर दी। इस दौरान किसान अपनी समस्याओं को लेकर हंगामा करने लगे।
विधायक जवाहर लाल ने भी सिंचाई न होने पर तल्ख रवैये में अभियंताओं को फटकार लगाई। विधायक ने सख्त लहजे में अभियंताओं को तत्काल सिंचाई व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा। उन्होंने गुरसराय इलाके में भी सिंचाई के लिए पानी न मिलने की बात कही। अधिशासी अभियंता उमेश कुमार ने जल्द ही समस्याएं सुलझाने का भरोसा दिलाया। किसानों ने बैठक में दूसरी समस्याएं भी उठाई। किसान अविनाश भार्गव ने बड़ी संख्या में किसान सम्मान निधि में किसानों के वंचित होने की बात कही। बैठक में झांसी प्रखंड बेतवा के अधिशासी अभियंता उमेश कुमार, सपरार प्रखंड के एक्सईएन रमाशंकर राजपूत, जिला कृषि अधिकारी केके सिंह, महेंद्र शर्मा, बान सिंह यादव, कमलेश लंबरदार, प्रदीप टांडा समेत अन्य उपस्थित थे।
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बांध लबालब, किसानों को नहीं मिला पानी
झांसी। रबी की फसल तैयार होने को है लेकिन, आखिरी समय में किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। तमाम गांवों में किसानों को यह परेशानी पेश आ रही। एक ओर जहां किसानों को पानी नहीं मिल रहा वहीं, बांध पानी से भरे हुए हैं। यहां तक कि डोंगरी बांध में पिछले दो साल से पानी ही नहीं निकाला गया जबकि इसके नीचे करीब बीस गांवों में सिंचाई न होने से किसानों की फसल सूख रही है। इनमें तालपुरा, पठारी, दुर्गापुरा, नयागांव, चमरौआ, कोटि, बड़ा, टपरैंया, बजरंगगढ़ समेत गांव मुख्य है। उधर, अधिशासी अभियंता मोहम्मद फरीद का कहना है डोंगरी बांध पानी के लिए भंडारण के लिए है। दो साल से उनको डिमांड नहीं भेजी गई। इस वजह से बांध नहीं खोला गया।