झांसी। जलसंस्थान 184 गांवों में पेयजल आपूर्ति संभालता है, लेकिन रखरखाव के लिए शासन से पैसा नहीं मिलने के कारण पेयजल की आपूर्ति सौ गांवों में ठप चल रही है। जलसंस्थान ने इन गांवों को जल जीवन मिशन में शामिल करने के लिए शासन से पत्राचार किया है। इस पर जल्द स्वीकृति मिलने के आसार हैं।
जिले के सभी नगर निकायों के अलावा आसपास के 184 गांवों में पेयजल आपूर्ति संचालन का जिम्मा जलसंस्थान के पास है। रखरखाव और सुचारु संचालन के लिए अतिरिक्त स्टाफ और संसाधन की जरूरत पड़ती है, लेकिन विभाग में संसाधन नहीं हैं। इससे गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप है और पेयजल सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
गांव-गांव में पेयजल सुविधा मुहैया कराने के लिए जल जीवन मिशन के अंतर्गत काम चल रहा है। योजना से जलसंस्थान से जुड़े गांवों को दूर रखा गया। समस्या का समाधान करने के लिए जलसंस्थान ने ठप पड़ी पेयजल सुविधा वाले गांवों को जल जीवन मिशन के अंतर्गत शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया और अनुमति के लिए शासन को भेज दिया। इसमें से 73 गांवों को इसमें शामिल कर लिया गया, जबकि 27 गांवों को जल जीवन मिशन में शामिल करने के लिए शासन में प्रस्ताव लंबित है। इसे जल्द स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। इसमें चिरगांव ब्लाक के ग्राम पहाड़ी बुजुर्ग, बड़ागांव ब्लाक के गांव, मोंठ के ग्राम निनौरा, बरुआसागर के आसपास के आठ गांव ग्राम जरबो, कोलवा, बरेठी, तिलैथा, बबीना के दो गांव और सकरार के 33 गांव, मऊरानीपुर, गरौठा और गुरसराय के आसपास के गांव शामिल हैं।
जलसंस्थान के 73 गांवों को जल जीवन मिशन में जोड़ लिया गया है। शेष 27 गांवों को जोड़ने के लिए शासन से जल्द स्वीकृति मिलने के आसार है। इसके बाद इन गांवों में पेयजल की सुविधा मिलने लगेगी। अभी रखरखाव की कमी के कारण इन गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप चल रही है।
- आरएसस बादलीवाल, अधिशासी अभियंता
जलसंस्थान