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कॉलेज प्रशासन सोता रहा, छात्रों के हाथ लग गई हॉस्टल की चाबी

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राजकीय पॉलीटेक्निक हॉस्टल।
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झांसी। पालीटेक्निक कॉलेज के हॉस्टल की चाबी आरोपी छात्रों के हाथ में कैसे लगी। यह सवाल कॉलेज प्रशासन की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रहा है। जबकि हॉस्टल में पहले भी कई बार मारपीट जैसी घटनाएं हो चुकी हैं। मगर कॉलेज प्रशासन हर बार सोता नजर आता है।
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पालीटेक्निक कॉलेज के पीछे छात्रों के दो हॉस्टल बने हैं। अधिकांश दूसरे शहरों के छात्र यहां रहते हैं। कोरोना महामारी के कारण सभी छात्र घर चले गए। जो छात्र घर नहीं गए वे आसपास के क्षेत्रों में ही किराए के मकान में रह रहे हैं। 23 सितंबर से नौ अक्तूबर तक तृतीय वर्ष के छात्रों की परीक्षाएं थीं। बाहर से जो छात्र आए थे, उनके रुकने के लिए एक हॉस्टल खोल दिया गया था। छात्रों के वापस जाने पर दस अक्तूबर को हॉस्टल को बंद कर दिया गया।
हॉस्टल की चाबी मेस इंचार्ज पन्नालाल के पास थी। जबकि जिस समय वारदात हुई उस समय हॉस्टल वार्डन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में ड्यूटी दे रहे थे। दोनों वारदात के वक्त हॉस्टल में मौजूद नहीं थे। इसके बाद भी छात्रों ने हॉस्टल का ताला खोल लिया और अंदर घुस गए। इस मामले में कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य नवीन कुमार ने बताया कि छात्रों के हाथ में हॉस्टल की चाबी कैसे लगी? इस बात का पता लगाया जा रहा है।
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कॉलेज के आसपास रहता है अराजकता का माहौल
पालीटेक्निक कॉलेज में अधिकांश छात्र दूसरे शहरों से इंजीनियरिंग का डिप्लोमा करने के लिए यहां आते हैं। हॉस्टल में रहने वाले छात्र अपने ग्रुप बना लेते हैं, जो कॉलेज और आसपास क्षेत्र में अराजकता का माहौल पैदा करने का प्रयास करते हैं। सौ मीटर दूर ही महिला पालीटेक्निक भी बना है। पहले भी कई बार हॉस्टल के छात्रों द्वारा मारपीट की घटनाओं को अंजाम दिया जा चुका है। छात्र छेड़छाड़ की घटनाएं भी कर चुके हैं। उनकी देखादेखी शहर के दूसरे अराजक तत्व भी कॉलेज के आसपास सक्रिय बने रहते हैं। अपनी बाइकें फर्राटा भरकर मौके से निकालते हैं। जबकि कॉलेज के सामने ही पुलिस चौकी बनी है। पुलिस भी छात्रों की हरकतों को नजर अंदाज करती रहती है।
कोचिंग से पढ़कर लौट रहे थे दोनों
छात्रा अपने दोस्त को पिछले एक साल से जानती है। दोनों तकनीकी परीक्षा के लिए कोचिंग कर रहे हैं। पहले वे बीकेडी के निकट एक कोचिंग में पढ़ते थे। पिछले कुछ दिनों से दोनों दतिया गेट के निकट एक कोचिंग में पढ़ने लगे थे। रविवार की सुबह दोनों कोचिंग से पढ़ने के बाद वापस अपनी गाड़ियों से घर लौट रहे थे। इस बीच वे पालीटेक्निक कॉलेज के हॉस्टल के निकट खड़े होकर दोनों बातें करने लगे और इसके बाद वारदात का शिकार हो गए।
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