how to fight corona, only 76 ventiletar in district
झांसी। जिले में 20 लाख की आबादी है और सरकारी, निजी अस्पतालों को मिलाकर सिर्फ 76 वेंटिलेटर हैं। 3028 बेड और 509 स्ट्रेचर हैं। ऐसे में यदि झांसी में कोरोना या अन्य संक्रामक रोग फैला तो इससे लड़ाई काफी कठिन होगी। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि अभी जिले में एक भी कोरोना वायरस का मरीज नहीं मिला है। विभाग ने पूरी तैयारी कर रखी है।
शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में उपलब्ध वेंटिलेटर, बेड, स्ट्रेचर, डॉक्टर, स्टाफ, एंबुलेंस आदि का ब्योरा मांगा था। बताया गया कि महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में 37 और जिला अस्पताल में पांच वेंटिलेटर हैं। स्वास्थ्य विभाग से पंजीकृत तो 110 अस्पताल हैं मगर इनमें सिर्फ 33 वेंटिलेटर हैं। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में 900 बेड व 39 स्ट्रेचर जिला अस्पताल में 246 बेड व 14 स्ट्रेचर और प्राइवेट अस्पताल में 1882 बेड व 456 स्ट्रेचर हैं। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर पैरामेडिकल कॉलेज को आइसोलेशन के लिए प्रयोग किया जा सकता है। रेलवे अस्पताल में 31 डॉक्टर, एक एंबुलेंस, 75 पैरामेडिकल स्टाफ, 205 बेड, छह स्ट्रेचर हैं। कैंट अस्पताल में नौ डॉक्टर, दस पैरामेडिकल स्टाफ, 40 बेड और दो स्ट्रेचर हैं। मिलिट्री अस्पताल में चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ दो, बेड 150, वेंटिलेटर एक, एंबुलेंस दो और स्ट्रेचर 10 हैं।
इन दिनों कोरोना वायरस को लेकर शासन ने सभी जिलों को अलर्ट जारी कर रखा है। जिले के अस्पतालों में वेंटिलेटर की काफी कमी है। ऐसे में यदि झांसी में कोरोना या कोई संक्रामक रोग फैलता है तो इससे लड़ना मुश्किल होगा।