झांसी। नगर निगम कार्यकारिणी चुनाव में भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी की हार के बाद संगठन ने जांच बैठा दी है। पार्टी के पार्षद दल के नेता नरेंद्र नामदेव और सचेतक मुकेश सोनी को जांच की जिम्मेदारी दी गई है। दोनों से तीन दिन में बिंदुवार रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर पार्टी से बगावत और क्रॉस वोटिंग करने वाले पार्षदों पर कार्रवाई हो सकती है।
बृहस्पतिवार को हुए कार्यकारिणी चुनाव में भाजपा की अधिकृत प्रत्याशी रितिका तिवारी के खिलाफ पार्टी की ही पार्षद नीता यादव ने बगावत कर चुनाव लड़ा था। नीता यादव को 10 वोट मिले और उन्होंने जीत दर्ज की, जबकि रितिका तिवारी को छह वोट ही मिल सके। चुनाव में भाजपा के सात पार्षदों के क्रॉस वोटिंग करने की बात सामने आई थी।
हार के बाद रितिका तिवारी ने शुक्रवार को महानगर अध्यक्ष सुधीर सिंह को शिकायती पत्र देकर मामले की जांच कराने की मांग की थी। उन्होंने चार पार्षदों के नाम भी दिए थे, जिनकी भूमिका संदिग्ध बताई गई थी।
शनिवार को महानगर अध्यक्ष ने दो सदस्यीय जांच समिति गठित कर दी। समिति से यह पता लगाने को कहा गया है कि पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी को किन कारणों से हार का सामना करना पड़ा और इसमें किन-किन पार्षदों की भूमिका रही। जांच रिपोर्ट तीन दिन में मांगी गई है। रिपोर्ट आने के बाद संगठन आगे की कार्रवाई तय करेगा।