झांसी। पंचवटी कालोनी स्थित अंजनी माता मंदिर की पहाड़ी पर कब्जा कर बनाए गए हेलीपैड को नगर निगम की टीम ने जाकर ध्वस्त कर दिया। कब्जे से मुक्त 4.857 हेक्टेयर जमीन को सुरक्षित करने के लिए नगर निगम अब वहां अपना बोर्ड लगा रहा है।
मंडलायुक्त के राममोहन राव को शिकायत मिली थी कि पंचवटी कालोनी स्थित अंजनी माता मंदिर की पहाड़ी पर बिना अनुमति के हेलीपैड और स्वीमिंग पूल बना लिया गया है। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने इसकी जांच के लिए अपर आयुक्त (प्रशासन) राजेश त्यागी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई थी। जांच में हकीकत सामने आ गई। जांच में पता लगा कि पहाड़ी पर अवैध कब्जा कर वहां हेलीपैड और स्वीमिंग पूल बना लिया गया। साथ ही आसपास भी कब्जा कर लिया गया। जांच रिपोर्ट में यह भी लिखा गया है कि वहां मछलियों के आकार से पता लगता है कि कब्जा अरसे से है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मंडलायुक्त ने हैलीपैड ध्वस्त करने के आदेश दिए। एक हफ्ते पहले नगर निगम की टीम कब्जा हटाने गई थी लेकिन पुलिस बल नहीं मिलने के कारण बात नहीं बनी।
बुधवार को नगर मजिस्ट्रेट आर.के. श्रीवास्तव, अपर नगर आयुक्त रोहन सिंह, संपत्ति अधिकारी केशव प्रसाद, अतिक्रमण हटाओ प्रभारी डा. पुष्पराज गौतम, अधिशासी अभियंता ए. के . शर्मा, आर पी सिंह, के पी सिंह पुलिस बल के साथ पहाड़ी पर पहुंचे और कब्जे तोड़ डाले। हेलीपैड के अलावा वहां बना कमरा भी ध्वस्त कर दिया गया। साथ ही सीमांकन का काम भी शुरू कर दिया गया और इसके बाद वहां नगर निगम अपना बोर्ड लगवाएगा ताकि दोबारा कोई कब्जा नहीं कर सके। गौरतलब है कि मौजा झांसी खास में आराजी 1533 का मिला-जुला नंबर है। इसमें कुछ हिस्सा नगर निगम और कुछ हिस्सा कास्तकारों का है। तय ही नहीं हो पा रहा है कि इसमें कौन हिस्सा नगर निगम और कौन कास्तकारों का है।
चकमा देने की कोशिश
नगर निगम की टीम पहाड़ी का नजारा देख कर दंग रह गई। हेलीपैड के आसपास गोबर के कंडे पाथे गए थे ताकि किसी को हेलीपैड नजर नहीं आए।
तालाब में मछली होने के कारण छोड़ा
पहाड़ी पर बने स्वीमिंग पूल को इस कारण छोड़ दिया गया कि उसमें बड़ी संख्या में मछलियां हैं लेकिन उसे कब्जे में ले लिया गया है।