अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। झांसी में धड़ल्ले से बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट (एचएसआरपी) के सरकारी वाहन भी सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन वाहनों का न तो चालान किया जा रहा है, न ही फिटनेस हो पा रही है। निजी और सरकारी विभागों को मिलाकर झांसी में लगभग ढाई लाख वाहनों में ऐसी नंबर प्लेट नहीं लगी है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 2019 से वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाना अनिवार्य किया गया है। नए वाहनों की खरीद पर तो कंपनी की तरफ से रजिस्ट्रेशन कराकर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाई जा रही है मगर 2019 से पहले खरीदे गए लगभग 2.50 लाख वाहनों पर यह नंबर प्लेट नहीं लगी है। इसे लेकर आरटीओ विभाग समय-समय पर अभियान चलाने का दावा करता है। साथ ही जिन वाहनों पर एचएसआरपी नहीं लगी है, उसकी परिवहन विभाग की तरफ से फिटनेस भी नहीं की जा रही है। इनका चालान भी नहीं किया जा रहा है। इसके बावजूद झांसी में धड़ल्ले से बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के वाहन दौड़ रहे हैं।
एंबुलेंस से लेकर जेसीबी तक में एचएसआरपी नहीं
नगर निगम में 147 सरकारी वाहन हैं। इनमें से सात नई जेसीबी, तीन रोबोट और दो मिस्ट कैनन मशीन में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगी है। बचे हुए 135 वाहनों में एचएसआरपी नहीं है। अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता का कहना है कि जिन वाहनों में ये नंबर प्लेट नहीं है, उनमें जल्द लगवाई जाएगी। वहीं, जिला अस्पताल में कई एंबुलेंसों पर भी पुरानी नंबर प्लेट लगी है। इसके अलावा, जिला प्रशासन, पुरातत्व, बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग, झांसी विकास प्राधिकरण, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज समेत अन्य विभागों में भी कई वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी है।
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जिन वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी है, उनकी फिटनेस नहीं की जाती है। वाहन स्वामियों और विभागों के वाहनों पर ये नंबर प्लेट लगाने के लिए कहा जा रहा है। - डॉ. सुजीत कुमार, एआरटीओ