high power unit establishment for power genration
झांसी। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि सरकार 2032 तक हर घर में 24 घंटे निर्बाध बिजली देने की दिशा में काम कर रही है। जो भी पुरानी थर्मल पावर उत्पादन इकाइयां बंद की जा रहीं हैं, उनकी जगह उच्च क्षमता की नई इकाइयां स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है। पुरानी इकाइयों को चलाना घाटे का सौदा साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि 2002 में पावर कारपोरेशन का घाटा 7200 करोड़ था जो अब बढ़कर 90 हजार करोड़ हो गया है। शनिवार को यह बात उन्होंने विकास भवन में पत्रकारों से कही।
उन्होंने कहा कि गर्मियों में प्रदेश के सभी जिलों को बेहतर बिजली मिल सके, इसके लिए हर स्तर पर काम चल रहा है। बुंदेलखंड सरकार की पहली प्राथमिकताओं पर है। बुंदेलखंड के जिला मुख्यालयों को 24 घंटे, तहसील व ग्रामीण क्षेत्रों को 20 घंटे बिजली मिलती रहेगी। ट्यूबवेल संचालन के दौरान एकाएक बिजली की मांग बढ़ जाती है, इस समस्या से निपटने के लिए कुसुम योजना शुरू की गई है। इस योजना में किसान सोलर प्लांट लगा सकता है। जरूरत की बिजली का उपयोग करने के बाद वह बाकी सरकार को बेच सकता है। इससे किसानों की आय भी बढ़ेगी।
आपसी तालमेल की कमी से हुआ निलंबन
ऊर्जा मंत्री ने बरुआसागर क्षेत्र में अधिक बिजली देने के मामले निलंबित किए जेई, एसडीओ व एक्सईएन के मामले में कहा कि अधिकारियों के आपसी तालमेल की कमी से ऐसा हुआ। जेई को पता ही नहीं था कि किस फीडर को कितनी बिजली देना है? जानकारी होने पर बहाली कर दी गई।