झांसी। पानी-बिजली की समस्या हो या उत्पीड़न, जब लोग सब जगह से थक-हार जाते हैं तब अपने क्षेत्रीय विधायक का मोबाइल नंबर घुमाते हैं, लेकिन यहां भी उनके हाथ निराशा ही लगती है। जी हां, जिले के विधायकों का कुछ यही हाल है। लोगों की बढ़ती शिकायतों के बाद अमर उजाला की पड़ताल में चार में से तीन विधायकों का फोन नहीं उठा। केवल मऊरानीपुर विधायक ने ही तत्काल कॉल रिसीव किया। जबकि, गरौठा विधायक ने 3 घंटे 54 मिनट बाद कॉल बैक किया। जबकि, सरकार के विधायकों को जन संवाद बनाए रखने के स्पष्ट निर्देश हैं। बावजूद, ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
सदर विधायक: दोपहर 11.57 बजे
अमर उजाला की टीम ने एक नंबर से सदर विधायक रवि शर्मा को फोन किया। पूरी घंटी गई, लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद विधायक की ओर से मिस्ड कॉल पर फोन करने की जहमत भी नहीं उठाई गई। हो सकता है कि वह किसी मीटिंग में हो। पब्लिक की समस्याओं को सुन रहे हों लेकिन बाद में कॉल तो की ही जा सकती थी। मगर पूरा दिन बीत गया मगर उनका फोन नहीं आया था।
बबीना विधायक: दोपहर 11.59 बजे
बबीना विधायक राजीव सिंह पारीछा के मोबाइल नंबर पर फोन किया गया। लेकिन, पूरी घंटी जाने के बाद भी फोन रिसीव नहीं हुआ। इसके बाद पूरे दिन कॉल बैक भी नही आई। हमने सोचा था कि थोड़ी बहुत देर में बैक कॉल आएगी लेकिन पूरा दिन इंतजार में ही बीत गया।
गरौठा विधायक: दोपहर 12.01 बजे
गरौठा के विधायक जवाहर लाल राजपूत के नंबर पर फोन लगाया गया। घंटी बजती रही, लेकिन फोन नहीं उठा। हालांकि, 3.55 बजे यानी 3 घंटे 54 मिनट बाद उनका वापस फोन आया। फोन करने का कारण पूछा गया। लेकिन यहां सवाल यह उठता है कि अगर किसी ने दिक्कत में फोन किया होता तो इतनी देर बाद उसकी क्या मदद हो पाती।
मऊरानीपुर विधायक: दोपहर 12.02 बजे
मऊरानीपुर विधायक डा. रश्मि आर्य को फोन किया गया और उन्होंने तुरंत रिसीव कर लिया। क्षेत्र में बिजली की आवाजाही की समस्या बताई गई। इस पर उन्होंने कहा कि इसे लेकर उनकी बिजली विभाग के अधिकारियों से लगातार बातचीत जारी है।