झांसी। शिवाजी नगर स्थित न्यू आवास विकास कॉलोनी के एक घर में मिले रिटायर्ड शिक्षिका के शव का सोमवार को पुलिस सुरक्षा में हिंदू रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। पड़ोसियों के अनुसार शिक्षिका के डॉक्टर पति ने शादी के बाद ही उनका साथ छोड़ दिया था, तब से ही कुछ पालतू जानवरों के साथ वह एकाकी जीवन जी रही थी।
शिवाजी नगर स्थित न्यू आवास विकास कालोनी में रिटायर्ड शिक्षिका सुशीला श्रीवास्तव (80) का शव रविवार को उनके घर में मिला था। हादसे के बाद दूसरे दिन भी उनकी खबर लेने कोई नहीं पहुंचा। चूंकि, शव तीन-चार दिन पुराना होने के कारण दुर्गंध मार रहा था। इस कारण बुंदेलखंड विश्वविद्यालय चौकी पुलिस ने सोमवार को हिंदू रीति रिवाज के साथ शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इधर, पुलिस ने मृतका के घर पर ताला लगा दिया है।
हादसे के दूसरे दिन गली में सन्नाटा पसरा रहा। उसका लाल रंग का पालतू कुत्ता अवश्य सोमवार की दोपहर तक दरवाजे बैठा रहा और बीच-बीच में दरवाजे पर पंजे मारकर खोलने का प्रयास करता रहा। इसके बाद वह भी मौके से उठकर चला गया। इसी बीच पड़ोसियों ने बताया कि मृतका कभी-कभार ही मुहल्ले के किसी व्यक्ति से बात करती थी।
लोग इतना ही जानते थे कि शादी के बाद ही डॉक्टर पति ने उन्हें छोड़कर दूसरा विवाह कर लिया था। उनके पति सीपरी बाजार क्षेत्र में रहने लगे थे। हालांकि, कोई उनके पति का नाम नहीं बता सका। पुलिस ने घर से बरामद रजिस्ट्री के कागज पिता का नाम रमेश श्रीवास्तव पाया है।
पड़ोसियों ने बताया कि उनके घर का दरवाजा तभी खुलता था, जब दूध वाला आता था अथवा किसी सामान को खरीदने की जरूरत पड़ती थी। घर के अंदर ही उनका पालतू कुत्ता, बिल्ली व चूहे तक उनके साथ बंद रहते थे।
पिछले कई सालों से उन्होंने रविवार को चर्च जाना अवश्य शुरू कर दिया था। वे कौन से चर्च जाती थीं? यह कोई नहीं बता सका। कभी-कभार एक-दो परिचित उनके घर आते थे, मगर उनके बारे में भी पड़ोसियों को कोई जानकारी नहीं थी।
इस संबंध में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के चौकी इंचार्ज ओपी यादव ने बताया कि महिला के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। घर में जो प्रपत्र बरामद हुए हैं, उनकी मदद से परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।