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स्वस्थ रहने की वैज्ञानिक विधि है योग

Tue, 21 Jun 2016 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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youg, jhansi news - फोटो : amar ujala, jhansi news
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झांसी। योग साधारण व्यायाम क्रिया नहीं है। यह पूरी तरह से वैज्ञानिक विधा है। इसके महत्व को समझते हुए पूरी दुनिया ने इसे अपना लिया है। इसके बात, पित्त एवं कफ दोष खत्म हो जाते हैं। असाध्य रोगों का निदान होता है। योग व्यक्ति का चहुंमुखी विकास करता है तथा जीवन को बढ़ाता है। श्री लक्ष्मी व्यायामशाला के परिसर में आयोजित विशेष योग शिविर में यह बात साधकों को प्रशिक्षकों ने बताईं। 
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भारत स्वाभिमान न्यास, पतंजलि योग समिति, महिला योग समिति, किसान पंचायत व युवा भारत संस्था के तत्वावधान में 21 जून विश्व योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित तीन दिवसीय विशेष योग शिविर के दूसरे दिन सोमवार को भारी संख्या में लोग योगाभ्यास को पहुंचे।

महिलाओं व बच्चों ने भी शिविर में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। सुबह पांच बजे शुरू हुए इस शिविर में मोटापा दूर करने के लिए कपालभाति, त्रेयक आसन, कटि सौंदर्य, हस्तपाद आसन, कोण आसन और भुजंग आसन का अभ्यास कराया गया। इसके अलावा योग की अन्य विधियां भी बताईं गईं। 
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इससे पूर्व शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। शिविर में पतंजलि योग समिति के जिला प्रभारी जयपाल सिंह, योग कक्षा अध्यक्ष प्रेमनारायण अग्रवाल, रमेश अग्रवाल, अनूप सिंह चौहान, ओमकार नायक, अमित यादव, ओमप्रकाश कालरा, मुरारी लाल, शोभाराम,  प्रदीप सोनी, रामबाबू यादव, सुमन पुरोहित, कृष्णा सक्सेना, शशि तिवारी, नीता अवस्थी, रंजीता साहू, मीना अग्रवाल, मधु अग्निहोत्री, नीलम सरकार, स्वाति, अल्पना, राखी, प्रीति व ऊषा के निर्देशन में योगाभ्यास कराया गया। 

योगाभ्यास से पहले यह बरतें सावधानी 
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- योग खुले वातावरण, स्वच्छ हवा व साफ सुथरे स्थान पर करना चाहिए। 
- मन को शिथिल रखते हुए आराम से योग करना चाहिए। तनाव कतई नहीं होनी चाहिए। 
- योग करने के लिए पेट खाली होना जरूरी है। कमजोरी महसूस होने पर गुनगुने पानी में दो चम्मच शहद डालकर पी सकते हैं। 
- पुराने रोग या हृदय संबंधी बीमारी से ग्रसित होने पर चिकित्सक या योगाचार्य की सलाह से योग करना चाहिए। 
- महिलाएं गर्भावस्था व मासिक धर्म के दौरान चिकित्सक या योगाचार्य से पूछे बगैर योग न करें। 

योगाभ्यास के समय यह रखें ख्याल 
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- अपने ईष्ट देवता की प्रार्थना करें, जिससे सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी। विभिन्न धर्मों के अनुयायी अपने-अपने ईष्ट को याद करें। 
- सांस लेने व छोड़ने में विशेष सतर्कता रखें। यह क्रिया योग विशेषज्ञ के अनुसार ही करें। मुंह से सांस कतई न लें। 
- योग क्रिया के प्रति पूरी तरह से एकाग्र रहें। 

यह करें योगाभ्यास के बाद 
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- योगाभ्यास के कम से कम 20 मिनट बाद नहाना चाहिए। इतने समय बाद ही आहार लेना चाहिए। 
- सुबह जितना भोजन करें, दोपहर में उसका आधा लें और शाम को उससे भी कम भोजन करना चाहिए। 
- सिगरेट, शराब, तंबाकू जैसे दुर्व्यसनों को त्याग दें, इससे तेजी से ज्यादा लाभ होगा। 
- रात में जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठ जाएं। 

आज होगा समापन 
भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के मंडल प्रभारी श्याम बुधौलिया ने बताया कि दूसरे विश्व योग दिवस के अवसर पर यह तीन दिवसीय विशेष शिविर आयोजित किया गया है। इसका मंगलवार को समापन होगा।

लक्ष्मी व्यायाम मंदिर में प्रात: 5 से शाम 7 बजे तक योगाभ्यास कराया जाएगा। इसके बाद साधक शहर के विभिन्न स्थानों पर चलने वाली योग कक्षाओं में नियमित रूप से शामिल हो सकते हैं। 
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