भारतीय चारागाह और चारा अनुसंधान संस्थान (ग्रासलैंड) ने देश के किसानों को चारा संबंधी फसलों के उत्पादन व संरक्षण की जानकारी देने के लिए चारा एप, फॉरेज इंडिया, फॉरेज सीड और फोडर एंड रेंज ग्रासेस नामक चार मोबाइल एप्लीकेशन बनाए हैं। इसके जरिए किसानों को चारा संबंधी हर जानकारी मिल सकेगी। यही नहीं, समस्या पर किसान सवाल भी पूछ सकते हैं।
इन एप में चारा फसलों की उन्नत तरीके से खेती करने और घास संरक्षण की विधियों को बताया गया है। ग्रासलैंड के निदेशक डॉ. विजय यादव ने बताया कि एप के जरिए नई किस्मों, बीज, उर्वरक, मशीनरी, मूल्य, मौसम, कीटों व रोगों की जानकारी, पोषक तत्व प्रबंधन, सही समय पर किसानों को उत्पादन से लेकर विपणन तक की अहम जानकारियां दी जा रही हैं। साथ ही एप के माध्यम से किसान उपयोगी चारा फसलों व चारागाह के विकास के लिए ग्रासलैंड के कृषि वैज्ञानिकों से प्रश्न पूछ सकते हैं।
उन्होंने बताया कि पशुओं की देखभाल करने और उनके लिए पौष्टिक राशन तैयार करने की विधियों का भी विवरण दिया गया है। मासिक फसल, पशुओं से संबंधित गतिविधियों का उल्लेख किया गया है। यदि किसान को चारा फसलों संबंधी बीज खरीदना है तो वह एप के जरिए मंगवा सकते हैं। संस्थान के एप्टिक केंद्र से समय-समय पर मोबाइल संदेश भी किसानों तक चारा तकनीकों को पहुंचाया जा रहा है।
लगातार एप से जुड़ रहे किसान
ग्रासलैंड द्वारा बनाई गईं एप्लीकेशन को एंड्रायड मोबाइल फोन होने पर प्ले स्टोर से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है। इन एप से किसान लगातार जुड़ रहे हैं। अब तक दो हजार से ज्यादा किसानों ने यह एप डाउनलोड कर ली है।