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Jhansi: नौकरी दिलाने के नाम पर दस्तावेज लेकर बनाता था फर्जी फर्म, 1.39 करोड़ की जीएसटी चोरी

Mon, 30 Mar 2026 02:23 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी

सार

जीएसटी विभाग ने 1.39 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के मामले में ब्लैक लिस्ट की गई वीवाई ट्रेडर्स के नाम से फर्जी फर्म बनाने वाला जालसाज पुलिस के हत्थे चढ़ गया है।
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जीएसटी चोरी का मामला - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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जीएसटी विभाग ने 1.39 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी के मामले में ब्लैक लिस्ट की गई वीवाई ट्रेडर्स के नाम से फर्जी फर्म बनाने वाला जालसाज पुलिस के हत्थे चढ़ गया। महराजगंज का मूल निवासी और उत्तरी दिल्ली में रहने वाले अविनाश दुबे ने हमीरपुर की सदर कोतवाली के कारीमाटी गांव के विजय से नौकरी दिलाने के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो व बिजली बिल लेकर फर्जी फर्म बनाई थी।
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जीएसटी झांसी परिक्षेत्र के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-वन डीके सचान ने बताया कि वीवाई ट्रेडर्स के लंबे कारोबार व टैक्स रिटर्न के आधार पर फर्जी फर्म पाए जाने पर रजिस्ट्रेशन 15 अगस्त 2025 को निरस्त कर दिया गया था। विभाग ने बीते 16 सितंबर को गुपचुप तरीके से रेकी की तो करीब 1.39 करोड़ की टैक्स चोरी पकड़ी। हमीरपुर से रजिस्ट्रेशन होने पर फर्म के विरुद्ध 15 अक्तूबर को तहरीर दी गई। पुलिस ने 25 अक्तूबर को मामला दर्ज किया। जांच में जीएसटी अफसरों से दस्तावेज के आधार पर गैंग के सदस्य अविनाश दुबे निवासी जगदीशपुर फरेंदा, जिला महराजगंज और वर्तमान पता तिमारपुर उत्तरी दिल्ली को 28 मार्च को गिरफ्तार कर लिया गया। एडिशनल कमिश्नर ने बताया कि गिरोह के सदस्य बेरोजगार युवकों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य दस्तावेज हासिल किए। बाद में उन्हीं दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर तैयार कर ऑनलाइन कंपनियां रजिस्टर्ड कराते थे। जीएसटी विभाग गिरोह के सदस्यों द्वारा फर्जी तरीके से बनाई गई कंपनियों की जांच में जुटी है।
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