झांसी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधे मोहन श्रीवास्तव की अदालत में हत्या का दोष सिद्ध होने पर दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास व पचास- पचास हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड जमा न करने पर दो- दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संतोष कुमार दोहरे के अनुसार विगत 13 जून 2015 को सकरार थाने में दी तहरीर में मगरपुर निवासी शिवदयाल ने बताया था कि 12 जून 2015 की रात उनके मोबाइल पर गांव के ही प्रवीण ने कॉल करके कहा कि तुम अपनी बेटी से मुझे बात नहीं करने देते हो। इसका खामियाजा तुम्हारा परिवार भुगतेगा। आधे घंटे बाद ही शोरगुल की आवाज सुनकर छत पर पहुंचा तो देखा कि प्रवीण व गजेंद्र उनके बेटे दिनेश पर धारदार हथियार से हमला कर रहे हैं। वह चिल्लाया तो उसके ऊपर भी तमंचे से फायर किया, जिससे वह बाल- बाल बच गया। शोर सुनकर हरदयाल व गांव के अन्य लोग आ गए। ललकारने पर प्रवीण व गजेंद्र मौके से भाग गए। हमले में दिनेश की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मंगलवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधे मोहन श्रीवास्तव की अदालत में दोष सिद्ध होने पर उक्त दोनों अभियुक्तों को सजा सुनाई गई।