राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्रों के चयन के मानकों में शिथिलता प्रदान की गई है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को इसका लाभ मिल सके। इस संबंध में प्रदेश के खाद्य आयुक्त ने निर्देश जारी कर दिए हैं।
केंद्र की पूर्ववर्ती कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम - 2013’ के तहत गरीबों को रियायती दरों पर अनाज उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इस योजना से जनपद की 79.56 प्रतिशत ग्रामीण व 64.43 फीसदी नगरीय आबादी को आच्छादित किया जाना है। इसके लिए ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन भरवाए जाने का काम जारी है, जिनकी लगातार फीडिंग भी की जा रही है। पूर्व में जारी निर्देशों के तहत इसके लिए फार्म में संबंधित की बैंक खाता संख्या, आधार कार्ड संख्या व वोटर आईडी का विवरण लिया जाना जरूरी किया गया था। इसके बगैर फार्म स्वीकार नहीं किए जा रहे थे। लेकिन, तमाम ऐसे उपभोक्ता सामने आए, जो योजना के तहत पात्र तो हैं, परंतु उनके पास उक्त में से कोई भी प्रपत्र नहीं है। ऐसे उपभोक्ताओं को ध्यान में रखते हुए बैंक खाता, वोटर आईडी व आधार कार्ड की उपयोगिता को समाप्त कर दिया गया है।
‘हर पात्र को रियायती दरों पर अनाज उपलब्ध कराना योजना का उद्देश्य है, जिसके चलते उक्त शिथिलता प्रदान की गई है। अब उपभोक्ता वोटर आईडी, बैंक खाता व आधार कार्ड के बगैर भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। ’
- अशोक कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी