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आर्थिक तंगी में मजदूर ने घर में फांसी लगाकर दी जान

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मृतक राजकुमार की पत्नी और पुत्रियां - फोटो : DEHAT
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मऊरानीपुर (झांसी)। कोरोना काल लोगों पर भारी पड़ रहा है। इस दौरान रोजगार के साधन लगभग ठप पड़े हैं। इससे रोज कमाने और खाने वाले लोगों के सामने संकट आ गया है। काम न मिलने से परेशान 35 वर्षीय मजदूर राजकुमार ने अपने घर में ही फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह घर में अकेले ही रहते थे। दो दिन तक वह मोहल्ले के लोगों को दिखाई नहीं दिखा। बाद में घर के अंदर से बदबू भी आने लगी। इस पर मोहल्लेवालों को चिंता हुई। लोगों ने मोबाइल से उसकी पत्नी को सूचना दी। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचने के बाद मोहल्लेवालों की मदद से दरवाजा खोला। अंदर जाकर देखा तो मजदूर का शव फांसी के फंदे पर लटक रहा था। पत्नी भी छह बेटियों को लेकर मौके पर पहुंच गई।
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मऊरानीपुर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला गांधीगंज निवासी राजकुमार (35) पुत्र बृजलाल मजदूरी करके अपने घर का खर्च चलाते थे। कोरोना काल में काम धंधे ठप होने से रोजगार का संकट पैदा हो गया और परिवार आर्थिक संकट से जूझने लगा। राजकुमार का पत्नी से भी विवाद चल रहा था। पत्नी अपनी छह बेटियों के साथ गुरसराय कस्बे के कुरैठा गांव में मायके में थी। पुलिस ने मौके पर जाकर दरवाजा खोलकर देखा तो वह फांसी के फंदे पर झूल रहा था। इस पर पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पति की मौत की खबर सुनकर घर पहुंची राजेश्वरी ने बताया कि उसकी छह बेटियां हैं। सबसे बड़ी बेटी की उम्र 12 साल और छोटी बेटी की उम्र चार महीने है। उसका कहना है कि इधर काम न मिलने की वजह से पति परेशान थे। उसके लिए भी खर्च के लिए कोई पैसा नहीं भेज रहे थे। उसकी मौत से छह बेटियों के सिर से पिता का साया भी उठ गया।
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