बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बीबीए प्रथम वर्ष के छात्र ने मंगलवार की रात अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह उत्तराखंड के पिथौरागढ़ का रहने वाला था और कैमासन नगर में किराए के मकान में रह रहा था। पुलिस के अनुसार छात्र नशे का आदी था। लॉकडाउन के चलते नशा नहीं कर पा रहा था। सोसाइड नोट में छात्र ने परिजनों पर पैसा न भेजने व उत्पीड़न का आरोप लगाया है। परिजनों को सूचना दे दी गई है।
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के लाखतोली पोस्ट सलिय निवासी प्रधानाचार्य कौस्तुभ चंद्र जोशी का पुत्र कपिल जोशी (21) बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बीबीए प्रथम वर्ष का छात्र था। वह कैमासन नगर के एक घर में दूसरी मंजिल पर किराए से रहता था। मंगलवार की रात उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बुधवार की सुबह करीब 11 बजे मकान मालिक का बेटा कपिल को नाश्ते के लिए बुलाने कमरे पर पहुंचा। गेट न खुलने पर उसने धक्का दिया। धक्का लगने पर दरवाजा खुल गया। कपिल का शव पंखे पर चादर के सहारे लटका देख वह घबरा गया। शोर मचाने पर परिजन एकत्रित हो गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के चौकी प्रभारी परमेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कमरे से सोसाइड नोट मिला है। सोसाइड नोट में लिखा कि परिजन उसका उत्पीड़न करते हैं और उसे पैसा नहीं भेजते हैं। जांच में यह भी पता लगा कि वह नशे का भी आदी था। सूचना परिजनों को दे दी गई है। उनके आने पर ही पोस्टमार्टम होगा।
वहीं, पोस्टमार्टम हाउस पर मकान मालिक ने बताया कि कपिल के पिता प्रधानाचार्य और मां ललिता जोशी शिक्षिका हैं। वह संपन्न परिवार का लड़का था, लेकिन नशे ने उसे बिगाड़ रखा था। छह महीने पहले ही वह उनके घर रहने आया था। इसके पहले हॉस्टल में रहता था। किराए के अलावा खाना- नाश्ता सभी के रुपये उनको मिलते थे। दो महीने पहले कपिल को उसके माता- पिता ने झांसी के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। दस दिन भर्ती रहा था। घर भी नहीं जाता था।