झांसी। किराया अदा न करने वाले किरायेदारों से मकान खाली कराना मकान मालिकों पर भारी पड़ सकता है। जी हां, लॉकडाउन से लोगों का कामकाज प्रभावित हुआ है। ऐसे में तमाम किरायेदार किराया देने की भी स्थिति में भी नहीं हैं। लोगों की इस परेशानी के मद्देनजर प्रशासन आगे आया है। प्रशासन की ओर से साफ कह दिया है कि किराया न देने पर कोई भी मकान मालिक किरायेदार से मकान खाली नहीं कराएगा। इसकी शिकायत आने पर मकान मालिक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई होगी।
महानगर में बाहर से आकर यहां रहने वाले लोगों की संख्या खासी है। इनमें सरकारी और गैर सरकारी कर्मचारी, व्यवसायी, मजदूर, दुकानों व अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों व निजी अस्पतालों में काम करने वाले कर्मचारी, ठेले - खोमचे वाले व विद्यार्थी शामिल हैं। महानगर का कोई इलाका ऐसा नहीं है, जहां किरायेदार न रहते हों। खासतौर पर मेडिकल कॉलेज के आसपास, शिवाजी नगर, सिविल लाइन, मिशन कंपाउंड, सीपरी बाजार, हंसारी व बड़ी कॉलोनियों में किरायेदारों की भरमार है। 25 मार्च को देश में 21 दिन का लॉकडाउन घोषित किया गया है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी उन लोगों के समक्ष खड़ी हो गई है, जिनके लॉकडाउन की वजह से काम ठप हो गए हैं। ऐसे लोगों के समक्ष घरेलू जरूरतें पूरी करना भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। किराया अदा करना तो दूर की बात है। ऐसे लोगों को मंडलायुक्त ने राहत दी है।
मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने निर्देश जारी किए हैं कि किराया अदा न करने वाले किरायेदारों से मकान खाली नहीं कराया जाए। इसकी शिकायत मिलने पर मकान मालिक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई अलम में लाई जाएगी। इसका सभी सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
स्वास्थ्य कर्मियों का रखें ख्याल
झांसी। मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने कहा कि अस्पतालों में काम करने वाले डाक्टर या अन्य किसी स्टाफ के साथ उसके मकान मालिक या पड़ोसियों ने किसी भी तरह का गलत व्यवहार किया तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। आपदा के इस दौर में चिकित्सीय स्टाफ पूरी संजीदगी के साथ अपने सेवाएं दे रहा है। सभी इनका ख्याल रखें और उत्साह बढ़ाएं।