झांसी। कोरोना ने हैंडपंपों की रिपेयरिंग का काम भी ठंडा कर दिया है। इसकी वजह रिपेयरिंग करने वाली जल संस्थान की टीमों का कोरोना संक्रमित हो जाना है। सात में से पांच टीमें संक्रमित हो जाने के कारण रिपेयरिंग का काम प्रभावित हो गया है। काम दोबारा पटरी पर आने में तीन से चार दिन लग जाएंगे।
जलसंस्थान द्वारा हैंडपंप की रिपेयरिंग के लिए सात टीमें बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम में दो कर्मचारी रहते हैं। पिछले दिनों कोरोना की लहर ने जलसंस्थान के कर्मचारियों को भी अपनी चपेट में ले लिया। इस कारण सात में पांच टीमों के कर्मचारी संक्रमित हो गए। विभाग में अन्य कर्मचारियों के संक्रमित हो जाने के कारण भी काम प्रभावित हो गया। महानगर में 3286 हैंडपंप हैं। इनमें से ज्यादातर हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया है। इसकी वजह भूजल स्तर नीचे चला जाना है। महानगर में पानी की किल्लत रहती है, इसलिए हैंडपंप लोगों की पानी की जरूरत पूरी करते हैं। हैंडपंप खराब होने पर उसे रिपेयर करने के लिए लोग जलसंस्थान में शिकायत दर्ज करा रहे हैं, लेकिन हैंडपंप रिपेयर नहीं हो रहे हैं।
नगरा में 18 हैंडपंप खराब हैं, उन्नाव गेट के पास दो हैंडपंप, लहरगिर्द में चार हैंडपंप, भांडेरी गेट में तीन हैंडपंप, नरसिंहराव टौरिया में पांच हैंडपंप, मेवातीपुरा में चार हैंडपंप, गोलाकुआं में छह हैंडपंप समेत ऐसा कोई मोहल्ला नहीं है जहां पर हैंडपंप खराब न हों। मोहल्ले वासी शिकायत दर्ज करा रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण हैंडपंप रिपेयरिंग का काम ठप पड़ा है।
उधर, जिन क्षेत्रों से शिकायत आ रही है, वहां हैंडपंप रिपेयरिंग नहीं होने के कारण मोहल्लेवासी नाराजगी प्रकट कर रहे हैं। कुछ तो जल संस्थान कार्यालय जाकर कर्मचारियों को खरी खोटी सुना रहे हैं। लेकिन, स्टाफ की मजबूरी के कारण स्थितियों में कोई सुधार नहीं आ रहा है।
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स्वयंसेवी संस्था ने रिपेयरिंग कराई
स्वयंसेवी संस्था बुंदेलखंड यूथ ब्रिगेड ने जल संरक्षण अभियान के अंतर्गत प्रेमनगर नगरा के मोहल्ला हीरापुरा, मनोहरपुरा, जीवनपुरा, हाता प्यारेलाल समेत अन्य क्षेत्रों में हैंडपंप रिपेयर कराए। इससे लोगों को पीने के पानी की सुविधा मिलनी शुरू हो गई है। इस मौके पर सभासद नरेंद्र नामदेव, रणधीर सिंह, रवि शाक्य, आकाश यादव, रवि अहिरवार, मोहन सोनी आदि मौजूद रहे।
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शिकायत दूर नहीं हो रही
उन्नाव गेट में दो हैंडपंप खराब हो जाने से मोहल्ले वालों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। उन्होंने पांच दिन पहले जलसंस्थान में हैंडपंप रिपेयरिंग की शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक हैंडपंप रिपेयर नहीं होने के कारण देवेंद्र, मनीष आदि लोग जलसंस्थान पहुंचे और उन्होंने अफसरों से दोबारा शिकायत की। उनका आरोप था कि जानबूझकर हैंडपंप रिपेयर नहीं किए जा रहे हैं। लेकिन, अधिकारियों ने उन्हें बताया कि कोरोना की वजह से समस्या आ रही है, इसके बाद वह शांत हुए और वापस चले गए।
सामग्री की कोई कमी नहीं
जलसंस्थान के पास हैंडपंपाें की रिपेयरिंग के सामान की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त सामान है। केवल स्टाफ की कमी से विभाग जूझ रहा है।
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हैंडपंप रिपेयरिंग की प्रतिदिन 25 तक शिकायतें आ रही हैं। स्टाफ कोरोना संक्रमित है, इस कारण रिपेयरिंग का काम धीमा चल रहा है। दो से तीन दिन में स्थिति में सुधार हो जाएगा और हैंडपंपों की रिपेयरिंग का काम तेज हो जाएगा।
- कुलदीप सिंह
अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
हैंडपंप खराब है। इसकी किए चार दिन हो गए, लेकिन अब तक कोई सुधारने नहीं आया। इतनी गर्मी पड़ रही है, उस पर हैंडपंप न सुधरना बहुत बड़ी लापरवाही है।
- अभिषेक
किससे शिकायत करें, कोई सुनने वाला नहीं है। जब बार- बार शिकायत करने के बाद भी हैंडपंप सही नहीं हो रहे हैं तो अधिकारियों और नेताओं की किस बात का भरोसा करें।
- चंदन
बड़ी परेशानी हो रही है। नल आते नहीं और हैंडपंप सुधारा नहीं जा रहा है। क्या करें। इतनी गर्मी में पानी की एक- एक बूंद के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
- पप्पू
बहुत बुरा हाल है। न तो नल आ रहे हैं और न ही हैंडपंप सुधारे जा रहे हैं। आसपास के चार हैंडपंप खराब हैं। शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
- जीशान