हैंडबॉल यूपी टीम के विशेष प्रशिक्षण शिविर पांच मार्च तक चला था, उसमें झांसी के विकास का भी हैंडबॉल नेशनल टीम के लिए चयन हुआ था। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद विकास ने पहला सीनियर नेशनल मैच ग्वालियर में खेला और अच्छा प्रदर्शन करते हुए टीम नेशनल गेम में बेस्ट एट का दावेदार बनाया।
क्रीड़ा अधिकारी सुरेश बोनकर के पास रहने वाले विकास स्टेडियम में रहकर अपनी पढ़ाई पूरी करने के साथ-साथ स्टेडियम आने वाले खिलाड़ियों के साथ खेलकर अपना समय व्यतीत कर रहे थे। फरवरी के अंतिम सप्ताह में यूपी की हैंडबॉल टीम का प्रशिक्षण चल रहा था। विकास ने टीम में प्रवेश लिया और प्रशिक्षण कैंप में ही अपना हुनर दिखाया। कोच ने विकास का प्रदर्शन देख नेशनल टीम के लिए चयन कर लिया। ग्वालियर में आयोजित हुई सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में विकास ने टीम को निराश नहीं किया और टीम के एक बेहतरीन खिलाड़ी का फर्ज पूरा करते हुए टीम को बेस्ट एट का दावेदार बनाया। टीम नवंबर में होने वाले नेशनल गेम्स में हिस्सा लेगी। उसके लिए विकास तैयारी कर रहे हैं। विकास ने बताया कि उनके पिता एटीएम गार्ड हैं और उन्हें खेलने का शौक है। हैंडबॉल अब उनका हिस्सा बन चुकी है।
विकास ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से बीएससी किया है साथ ही कंप्यूटर में डिप्लोमा हासिल किया है। वह खेल के साथ ही पुलिस में नौकरी करने की तैयारी कर रहे हैं।