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15 मिनट में 15 लाख लूटे

Wed, 14 Mar 2018 01:44 AM IST
Jhansi
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loot - फोटो : demo
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 देवरी घाट पर हत्या और पंद्रह लाख रुपये की लूट की घटना को बदमाशों ने महज पंद्रह मिनट के भीतर अंजाम दिया और नकदी से भरा लोहे का बक्सा हाथों में थामकर पैदल ही पास के जंगल में समा गए। बदमाशों ने अपने काम को इतनी तेजी से निपटाया कि लगभग आधा किमी की दूरी पर मौजूद अन्य ट्रक ड्राइवरों को मौके पर पहुंचे का मौका भी नहीं मिला।
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तंबू में दाखिल होते ही कैशियर को मारी गोली
सोमवार की रात घाट पर तंबू में बने अस्थायी दफ्तर में मुश्ताक खान कंप्यूटर पर ऑनलाइन रॉयल्टी की पर्ची काट रहे थे, जबकि सुरक्षा कर्मचारी रामशंकर चारपाई पर लेटे थे। जितेंद्र ट्रकों के टोकन तैयार कर रहा था। ओमकार और देवेंद्र दफ्तर में एक तरफ बैठे हुए थे। इसी दरम्यान रात तकरीबन ढाई बजे दो बदमाश अंदर दाखिल हुए थे। इनमें से एक सफेद शर्ट और नीली पेंट पहने हुए थे। उसके हाथ में तमंचा था। जबकि, लाल चेक शर्ट और जींस पेंट पहने हुए छोटे कद के दूसरे बदमाश के हाथ में कुल्हाड़ी थी। बदमाशों के बाकी साथी दफ्तर के बाहर खड़े थे। दोनों बदमाशों ने अंदर दाखिल होते ही कैशियर मुश्ताक को गोली मार दी। यह देखकर सुरक्षा कर्मचारी रामशंकर ने पास में रखी अपनी बंदूक उठाने का प्रयास किया, उसी समय दूसरे बदमाश ने उस पर सिर और हाथ पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया, जिससे वह घायल होकर वहीं गिर पड़ा। देवेंद्र ने जान बचाने के लिए दफ्तर से निकलने का प्रयास किया तो बदमाशों उसकी पीठ पर कुल्हाड़ी से प्रहार कर दिया। जबकि, जितेंद्र और ओमकार ने दफ्तर के भीतर रखे तख्त के अंदर घुसकर जान बचाई। इसके बाद बदमाश नकदी से भरा लोहे का बक्सा हाथों में थामकर भागते हुए पास के जंगल में समा गए। पूरे घटनाक्रम को बदमाशों ने महज पंद्रह मिनट के भीतर अंजाम दिया। घटनास्थल से आधा किलोमीटर की दूरी पर कई ट्रक चालक मौजूद थे। उन्हें गोली की आवाज सुनाई दी। इससे पहले कि वह मौके पर पहुंचते बदमाश भाग निकले थे। भागते समय कुछ ट्रक चालकों ने बदमाशों को देखा भी।
वहीं, मेडिकल कालेज में इलाज करा रहे ककरबई के सिया गांव के रहने वाले ड्राइवर देवेंद्र यादव ने बताया कि उसका सिर लहूलुहान हो चुका था। इस कारण वह कुछ दूर जाकर गिर पड़ा। इसके बाद क्या हुआ? नहीं मालूम। हमलावरों में कोई भी जाना-पहचाना नहीं लग रहा था। वहीं, रामशंकर इतना ही बताया कि सिर पर चोट लगने के कारण वह बेहोश हो गया था। 
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