झांसी। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में सोमवार से अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं प्रारंभ हो गईं। लेकिन पहले दिन शिक्षकों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। क्योंकि अधिकांश बच्चे जिनके परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं और इन दिनों दीपावली बाजार में छोटे-बडे़ कामकाज में व्यस्त हैं। उन्हें घर से लाना पड़ा। कई शिक्षकों के मुताबिक बच्चों को परीक्षा में सम्मिलित कराने के लिए उन्हें घर-घर जाना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि कक्षा एक से आठ तक विद्यार्थियों के शैक्षिक मूल्यांकन के लिए अक्तूबर में अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं कराई जानी थीं, लेकिन निदेशालय द्वारा समय से परीक्षा कार्यक्रम जारी न करने से बीएसए कार्यालय ने स्वत: परीक्षा कार्यक्रम तय कर दो नवंबर से दो पालियों में परीक्षाएं कराने के निर्देश दिए। लेकिन परीक्षा के प्रथम दिवस अधिकांश परिषदीय स्कूलों में पंजीकृत बच्चों में आधे ही शामिल हुए।
इस संदर्भ में विभिन्न स्कूलों के शिक्षकों ने बताया कि वह बच्चों को परीक्षा में शामिल कराने के लिए सुबह से मशक्कत करते रहे। इनके मुताबिक इसका कारण हाल के दिनों में स्कूलों में रही छुट्टियां एवं दीपावली पर्व है। क्योंकि अधिकांश बच्चे श्रमिक परिवार से हैं, जो इन दिनों अपने परिवार के साथ दीपावली के बाजार में कामकाज में व्यस्त हैं। वहीं कु छ शिक्षकों ने बताया कि उन्हें ब्लाक एवं एनपीआरसी स्तर पर तैयार प्रश्न पत्र नहीं मिले हैं। ऐसे में उन्हें ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न लिखने पडे़।
एडी बेसिक जीएस राजपूत ने बताया कि अध्यापकों को निर्देशित है कि परीक्षार्थी बच्चों की संख्या शतप्रतिशत कर उन्हें परीक्षा में शामिल कराएं।