गौरतलब है कि जनपद में मोंठ, मऊरानीपुर, बड़ागांव, बंगरा, बबीना, गुरसरांय ब्लाक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। वहीं, चिरगांव और बामौर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया जा रहा है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में एक-एक हड्डी के डॉक्टर की पोस्ट है, लेकिन किसी में भी हड्डी का चिकित्सक नहीं है। मऊरानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात एक मात्र डॉक्टर को भी तीन माह पूर्व तबादला होने पर रिलीव किया जा चुका है। इससे ब्लाक स्तर पर मरीजों को भारी परेशानी का समाना करना पड़ रहा है। हड्डी रोग से संबंधित समस्या के लिए मरीजों को शहर तक दौड़ लगानी पड़ रही है। प्रत्येक मंगलवार आयोजित होने वाले तहसील दिवस में भी स्वास्थ्य शिविर लगाया जाता है, जिसमें भी हड्डी के डॉक्टर की उपस्थिति आवश्यक होती है। वहीं, नसबंदी शिविर, विकलांग प्रमाण पत्र बनवाने में भी हड्डी का चिकित्सक चाहिए होता है।
स्वास्थ्य अमला किसी तरह जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों की मदद से व्यवस्था चला रहे हैं। इस संबंध में जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विनोद कुमार यादव से बात की गई तो उन्होंने बताया कि डीजी को पत्र लिखकर हड्डी के डॉक्टर उपलब्ध कराने की मांग की जा चुकी है। उम्मीद है जल्द ही जनपद को कुछ चिकित्सक मिल जाएंगे।