झांसी। गुजरात में जिस तरह पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत नए भारत का नया स्टेशन विकसित किया गया है, उसी तर्ज पर 270 करोड़ की लागत से झांसी मंडल का ग्वालियर रेलवे स्टेशन विकसित होगा। इसका भविष्य का मॉडल भी तैयार कर लिया गया है। इसमें खासियत यह रहेगी कि नए निर्माण में भी विरासतों को सुरक्षित रखा जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रेलवे के विकास को नई सोच देने के संकल्प के तहत रेलवे ने ‘नए भारत का नया स्टेशन’ स्लोगन दिया है। इसी प्रक्रिया के तहत झांसी मंडल के ग्वालियर रेलवे स्टेशन को विकसित किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 270 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की गई है। इस प्रोजेक्ट में यात्रियों के प्रस्थान और आगमन के लिए अलग- अलग रास्ते बनाए जाएंगे। यात्रियों के बैठने के लिए निर्धारित स्थानों को हवादार बनाया जाएगा। दिव्यांग यात्रियों के लिए आधुनिक रैंप के अतिरिक्त पर्याप्त संख्या में लिफ्ट, एस्केलेटर्स सीढ़ियाें का निर्माण किया जाएगा। स्टेशन के अंदर पार्किंग की व्यवस्था भी होगी।
स्टेशन परिसर में पानी की बेहतर व्यवस्था के साथ ही अन्य संसाधनों के साथ स्वच्छ पर्यावरण के लिए परिसर को हरा भरा रखा जाएगा। एक वर्ष पूर्व इसके लिए निकाले गए टेंडर में रेलवे ने आठ पार्टियों को शार्ट लिस्ट किया है जो रेलवे अधिकारियों के सर्वेक्षण के बाद काम शुरू करेंगे।