झांसी। ग्वालियर मार्ग रेलवे क्रॉसिंग जनता के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। यहां हर समय लोग जाम से जूझते हैँ। ट्रेन के गुजरने के बाद ग्वालियर मार्ग रेलवे क्रॉसिंग खुलने पर जाम आम है। जल्दबाजी में गाड़ियां आमने-सामने आ जाती हैं, जिससे यातायात थम कर रह जाता है। लोगों को आवागमन में भारी समस्या का सामना करना पड़ता है। लेकिन, यातायात व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस भी नहीं रहती। घंटों लोग उमस भरी गर्मी में परेशान रहते हैं।
ट्रेनों के सामान्य संचालन के दौरान ग्वालियर मार्ग रेलवे क्रॉसिंग चौबीस में से चौदह घंटे से अधिक समय के लिए बंद रहती है। क्रॉसिंग खुलने पर जल्दी निकलने के चक्कर में वाहन आमने- सामने आ जाते हैं, जिससे जाम लग जाता है। बस, ट्रक जैसे भारी वाहन फंस कर रह जाते हैं। इसमें समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है। एक बार जाम लगने पर खुलने में लगभग आधा घंटा लग जाता है। अक्सर एक ट्रेन गुजरने के बाद जाम खुलने से पहले ही दोबारा से क्रॉसिंग बंद होने लगती है। पूर्व में क्रॉसिंग पर यातायात व्यवस्था सुचारु बनाने के लिए होमगार्ड के जवानों की तैनाती की गई थी, लेकिन अब वे नजर नहीं आते।
घंटों रहती है बंद, माह में यहां से निकलते 1.99 लाख वाहन
नियमित ट्रेनों के संचालन के वक्त इस क्रॉसिंग से 24 घंटे के भीतर मालगाड़ियों सहित 70 ट्रेनें गुजरती हैं और लगभग 14 घंटे क्रॉसिंग बंद रहती है। शासन को भेजे गए प्रस्ताव के साथ रेलवे का ट्रैफिक ट्रेन व्हीकल यूनिट का सर्वे भी शामिल किया गया। रेलवे हर तीन साल के अंतराल में रेलवे क्रॉसिंग से गुजरने वाले वाहनों का सर्वे कराता है। 24 घंटे में रेलवे क्रासिंग से कितने वाहन गुजरे (पैदल यात्री को छोड़कर), यहां तक कि साइकिल सवार को भी सर्वे में जोड़ा जाता है। सर्वे के अनुसार अभी इस क्रॉसिंग से महीने में 1.99 लाख वाहन गुजरते हैं।
जाम में फंसने से समय और पेट्रोल दोनों की बर्बादी होती है। क्रॉसिंग पर पुलिस की तैनाती की जानी चाहिए, ताकि यातायात सुचारु चले। - शिवम रावत, फ्रेंड्स कॉलोनी
रेलवे क्रॉसिंग बहुत बड़ी समस्या है। यहां ओवरब्रिज बनाया जाना बेहद जरूरी है। पहले ट्रेन गुजरने का इंतजार करना पड़ता है और फिर जाम से जूझना होता है। - वसीम खान, मिशन कंपाउंड
अक्सर क्रॉसिंग बंद ही मिलती है। खुलने पर जाम लग जाता है। कई बार तो एंबुलेंस तक फंस कर रह जाती हैं। व्यवस्था बनाने के लिए कोई आगे नहीं आता। - राज बौद्ध, अंबावाय
गाड़ियों की लगातार बढ़ती संख्या की वजह से क्रॉसिंग पर लगने वाला जाम भी लंबा होता जा रहा है। क्रॉसिंग तक डिवाइडर बनाकर समस्या सुलझाई जा सकती है। - प्रदीप झा, पॉलिटेक्निक के पास
क्रॉसिंग पर पुलिस कर्मचारियों की स्थायी रूप से तैनाती की जाना चाहिए। अपनी साइड में खड़े न होने वाले वाहन चालकों के चालान काटे जाने चाहिए। - रोहित कुमार, लहरगिर्द
खासतौर पर सुबह दस बजे और शाम तकरीबन पांच बजे क्रॉसिंग पर ज्यादा भीड़ रहती है। इस समय पुलिस कर्मचारियों को क्रॉसिंग पर तैनात रहना चाहिए। - अखिलेश शुक्ला, आईटीआई के पास
रेलवे क्रॉसिंग पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए होमगार्ड के जवानों की दोनों ओर तैनाती की जाएगी। गलत साइड में घुसने वाले वाहन चालकों के चालान भी काटे जाएंगे।
- राहुल श्रीवास्तव, एसपी सिटी