सोमवार को धूप खिलने के बाद भी अधिकांश ट्रेनों की गति में सुधार नहीं हो सका। ग्वालियर से बरौनी जाने वाली छपरा मेल का निरस्त कर दी गई और दरभंगा से अहमदाबाद जाने वाली साबरमती एक्सप्रेस सबसे अधिक 25 घंटे देरी से आई। ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री परेशान रहे। आने वाले तीन दिन तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद नहीं है।
रात व सुबह के समय कोहरे की चादर हटने के बाद भी ट्रेनों की स्थिति में सुधार नहीं हो सका। बरौनी-ग्वालियर छपरा मेल के 20 घंटे देरी से ग्वालियर पहुंची, इस कारण सोमवार को इसे रद्द कर दिया गया। इससे यात्री परेशान रहे। दिल्ली की तरफ से आने वाली पंजाब मेल आठ घंटे, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस ग्यारह घंटे, सचखंड एक्सप्रेस 18 घंटे, नई दिल्ली जबलपुर एक्सप्रेस साढ़े ग्यारह घंटे, अमृतसर दादर एक्सप्रेस चार घंटे, तमिलनाडु एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे देरी से आई।
इसी तरह भोपाल और कानपुर की तरफ से आने वाली लखनऊ लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस तीन घंटे, राप्ती सागर एक्सप्रेस 16 घंटे, मंगला एक्सप्रेस साढ़े सात घंटे, समता एक्सप्रेस तीन घंटे, यशवंतपुर संपर्क क्रांति छह घंटे, मध्य प्रदेश संपर्क क्रांति साढ़े सात घंटे, कुशीनगर एक्सप्रेस तीन घंटे देरी से आई। ट्रेनों के इंतजार में यात्रियों का बुरा हाल रहा। वहीं, ट्रेनों की जानकारी लेने के लिए पूछताछ कार्यालय में यात्रियों का जमघट लगा रहा। तीन घंटे से अधिक देरी से आने वाली ट्रेनों के यात्रियों को दूसरी गाड़ी में जाने के लिए परमिट किया गया।