झांसी। जिले में एक के बाद एक हो रहीं आपराधिक वारदातों ने कानून व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। क्षेत्र में गुंडाराज है। हालात इस हद तक बदतर हैं कि बड़े तो बड़े घरों के बाहर भी बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। अपहरण, दुष्कर्म, हत्या जैसी संगीन वारदात अंजाम दी जा रही हैं। अपराधी पुलिस के लिए चुनौती बने हुए हैं। कानून व्यवस्था फेल होने के कारण लोग असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
थाना नवाबाद क्षेत्र में बालिका की हत्या ने जिले की कानून व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। यह पहली वारदात नहीं है, इसके पहले भी पांच नवंबर को मोंठ थाना क्षेत्र के एक गांव में नौ वर्षीय बालिका की हत्या कर उसका शव उसके मकान के पीछे धान के खेत में फेंक दिया गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालिका के चेहरे पर नाखून के निशान पाए गए थे। परिजनों ने दुष्कर्म कर हत्या का आरोप भी लगाया था। पुलिस अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है।
वहीं, 14 अक्तूबर की रात सीपरी बाजार क्षेत्र के लहर की माता मंदिर के पास बदमाशों ने घर में घुसकर एक ही परिवार के जगदीश उदैनिया (51), उनकी मां कुमुद (72), पत्नी रजनी (45) व बेटी मुस्कान (19) की सोते समय जलाकर हत्या कर दी थी। पुलिस एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच में जुटी है, लेकिन अब तक कोेई निष्कर्ष नहीं निकल सका। इस घटना ने भी लोगों को हिलाकर रख दिया था। इधर, 13 अक्तूबर को थाना सीपरी बाजार क्षेत्र स्थित केशवपुर गांव निवासी राजकुमार ने जमीनी विवाद में अपनेे भतीजे अंशुल की घर ले जाकर हत्या कर दी थी।
इस प्रकरण मेें दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। पुलिस पूरे पहलुओं पर जांच कर रही है। जल्द ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी। कठोर दंड दिलाने के लिए पुलिस पूरी पैरवी करेगी।
- डॉ. ओपी सिंह, एसएसपी
मृतक बालिका के मां-बाप का गांव से आकर झांसी शहर में रहने का प्रमुख मकसद बच्चों का भविष्य बनाने का था। उनका मानना था कि झांसी में शिफ्ट होने के बाद बच्चों की परवरिश अच्छी करने के साथ पढ़ाई भी कराएंगे, लेकिन उनको क्या पता था कि यहां रहने वाले दरिंदे उनके सपनों पर ग्रहण बन जाएंगे। पिता ने बताया कि उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनका झांसी आने का फैसला गलत होगा। उनका अब सब कुछ बर्बाद हो चुका है। छोटी बेटी को पूरा परिवार बहुत प्यार करता था।
परिजन बच्ची का पता लगाए जाने के लिए बार-बार थाने जा रहे थे, तभी एक आरोपी ने अपने साथी के साथ पिता को घर पहुंचकर धमकाया था। उनको धमकी दी जा रही थी कि अब थाने मत जाना और न ही किसी के खिलाफ शिकायत करना, वरना अंजाम भुगतने को तैयार रहना। पुलिस ने शिकायत के बाद आरोपी के साथी की भी तलाश शुरू कर दी है।
मासूम की दुष्कर्म के बाद हत्या की घटना से राजनीति भी गरमा गई है। समाजवादी पार्टी की बैठक में राज्यसभा सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि जिले में घटनाओं का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। इन घटनाओं से लगता है कि प्रदेश में जंगलराज है। उन्होंने दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के साथ परिवार को हर संभव मदद की मांग की। वहीं, कांग्रेस नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने भी घटना पर आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि आए दिन घट रहीं इस तरह की घटनाओं से लोग अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वहीं, रविकांत मौर्या, जिलाध्यक्ष राजू अहिरवार आदि ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर घटना पर आक्रोश जताया।