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गम मिटा, आंखों से बहे खुशी के आंसू

Fri, 29 Jul 2016 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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kukki, jhansi news - फोटो : amar ujala, jhansi news
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झांसी। प्रेमगंज निवासी परमजीत सिंह और मनजीत कौर का लापता बेटा कुक्की (11 वर्ष) ठीक 14 महीने 25 दिन बाद बृहस्पतिवार सुबह घर वापस आ गया। उसे सामने खड़ा देख मनजीत कौर भावुक हो गई और उसे गले लिया। उनकी आंखों से खुशी के आंसू बह निकले। रुंधे गले से कुक्की बोला, हां मां मैं आ गया। इस बीच मोहल्ले वाले भी इकट्ठा हो गए। हर कोई उसकी 14 महीने की कहानी सुनने को आतुर था।
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तीन मई 2015 की शाम करीब साढ़े चार बजे कुक्की घर के पास लाल फील्ड पार्क में खेलने गया था। वह एक साथी के साथ खेल रहा था, तभी एक व्यक्ति कुक्की को फुसलाकर ले गया। तब दोस्त ने बताया था कि एक व्यक्ति पहाड़ी की तरफ कुक्की को ले गया है। पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर कुक्की के साथी को दिल्ली भेजा, जहां अपहर्ता का एक्सपर्ट से स्केच बनवाया। कुछ समय के बाद परमजीत के पास फोन आया और 10 लाख की

फिरौती मांगी गई। पुलिस ने उसे दबोच लिया तो उसने बताया था कि उसने मौका देख रुपये ऐंठने  के लिए फिरौती मांग ली थी। उसने अपहरण नहीं किया है। इसके बाद कुक्की की तलाश ठंडे बस्ते में चली गई। इस सबके बीच कुक्की के मां-बाप ने हर धार्मिक स्थल पर माथा टेका, मनौती मानी और बेटे के लिए दुआ करते रहे। ऐसा कोई दिन नहीं होता जब मां के आंसू बेटे की याद में नहीं बहते।
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बृहस्पतिवार की सुबह परमजीत सिंह के परिवार के लिए खुशहाली लेकर आई थी। बुधवार की रात मां मनजीत कौर अपने लाड़ले की याद करते हुए सो गई और सुबह उसे कुक्की ने ही जगाया। वह हड़बड़ा कर उठ बैठी और उसे लगा कि कहीं वह सपना तो नहीं देख रही। उसने कुक्की को छुआ, टटोला और फिर गले लगाकर रो पड़ी। पिता खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मोहल्ले वालों ने भी कुक्की से हालचाल लिए। मिठाई बंटने लगी और इस बीच पुलिस भी आ गई। कुक्की को थाने लाकर पूछताछ की गई और फिर उसे घर भेज दिया गया। 
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