धार्मिक स्थल, सामाजिक संगठन और क्लबों को भी जीएसटी के दायरे में लाया गया है। इन जगहों पर 20 लाख से अधिक आने वाले दान या चढ़ावे पर टैक्स वसूला जाएगा।
एक जुलाई से व्यापार पर एक टैक्स ही व्यवस्था वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू हो जाएगी। जीएसटी में टैक्स की दरें 0,5,12, 18 और 28 प्रतिशत निर्धारित की गई हैं। इस बार धार्मिक स्थलों को भी टैक्स के दायरे में लाया गया है। जहां भी धार्मिक स्थलों को ट्रस्ट संभाल रहे हैं, उनकी आय पर नजर रखी जाएगी। 20 लाख से ज्यादा दान या चढ़ावा आने पर सेवाकर के रूप में पांच प्रतिशत टैक्स देना होगा। इसी तरह सामाजिक संगठन और क्लबों को जीएसटी अदा करना होगा। साथ ही संगठन और क्लब जो भी पार्टियां या कार्यक्रम आयोजित करेंगे, उनका खर्चा रिटर्न में भरना होगा। उसी आधार पर टैक्स का आंकलन होगा।