जीएसटी में पंजीकृत कारोबारियों को कर युक्त माल पर टैक्स इनवायस और कर मुक्त माल पर बिल ऑफ सप्लाई का बिल जारी करना है। इन बिलों को कंप्यूटर या मैनुअली दोनों तरह से जारी किया जा सकता है।
जीएसटी में पंजीकरण कराने वाले कारोबारियों को अब अपनी दुकान की पूरी बिक्री का लेखा जोखा रखना होगा। दो सौ रुपये से अधिक की वस्तु बेचने पर ग्राहक को टैक्स इनवाइस (बिल) देना जरूरी है। कारोबारी को दो सौ रुपये से कम की बेची गईं वस्तुओं का लेखा-जोखा भी रखना है। इसके अलावा जो वस्तुएं कर मुक्त है उनके लिए बिल ऑफ सप्लाई (अलग बिल बुक बनाकर) जारी करना है। बिल ऑॅफ सप्लाई केवल पंजीकृत व्यापारी करमुक्त माल की बिक्री के लिए या समाधान योजना अपनाने वाले कारोबारी सभी प्रकार के माल पर जारी करेंगे। इसमें आपूर्तिकर्ता का नाम, पता, जीएसटीए, 16 अंकों का इनवायस क्रमांक, प्राप्तकर्ता का नाम, पता, जीएसटीएन, जारी करने की तिथि, वस्तु कोड, अधिकृत प्रतिनिधि के हस्ताक्षर करना होगा। सहायक कमिश्नर राजेश मौर्य ने बताया कि बिल ऑफ सप्लाई के लिए कारोबारी को अलग बुक छपवानी है।
इन पर टैक्स नहीं
खाने-पीने और कुछ आवश्यक सेवाओं को जीएसटी से मुक्त रखा गया है। इसमें स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा सेवाएं, बच्चों की ड्राइंग और रंग की किताबें, फूल झाडू़, काजल, नमक, खजूर का गुड़, बिना मार्का प्राकृतिक शहद, खुला पनीर, लस्सी, दही, दूध, अंडे, गुड़, बिना मार्का बेसन, बिना मार्का मैदा, बिना मार्का मैदा, बिना मार्का आटा और खुले खाद्य अनाज शामिल है।