संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन से 150 से अधिक ट्रेनें रोजाना गुजरती हैं। दिन में गिनी चुनी ट्रेनों में स्क्वॉड चलता है पर रात में जीआरपी का स्क्वॉड गुजरने वाली ट्रेनों में मौजूद रहता है। इसके बाद भी ट्रेनों में अपराध थम नहीं रहे हैं।
झांसी स्टेशन से देश के सभी हिस्सों में जाने के लिए ट्रेनें गुजरती हैं। दो महीने में छह घटनाएं घट चुकी हैं। इनमें से एक का भी खुलासा नहीं हुआ है।
मंगलवार को 108 ट्रेनों में जीआरपी का स्क्वॉड भेजा गया है। ट्रेनों में ड्यूटी लगाने की प्रक्रिया रोज अपनाई जाती है। जीआरपी रोजाना करीब 115 ट्रेनों में स्क्वॉड चलाती है।
- विपुल श्रीवास्तव, एसपी जीआरपी
आरपीएफ रेलवे स्टेशन पोस्ट पर करीब 100 जवान हैं। इनमें एक एक चौथाई की ड्यूटी ट्रेनों में लगाई जाती है ताकि यात्री सुरक्षित यात्रा कर सकेें। मंगलवार को 108 ट्रेनों में जीआरपी का स्क्वॉड भेजा गया है। ट्रेनों में ड्यूटी लगाने की प्रक्रिया रोज अपनाई जाती है। जीआरपी रोजाना करीब 115 ट्रेनों में स्क्वॉड चलाती है। - विपुल श्रीवास्तव, एसपी जीआरपी
आरपीएफ रेलवे स्टेशन पोस्ट पर करीब 100 जवान हैं। इनमें एक एक चौथाई की ड्यूटी ट्रेनों में लगाई जाती है ताकि यात्री सुरक्षित यात्रा कर सकेें।
- विजेंद्र सिंह, आरपीएफ इंस्पेक्टर
केस नंबर 1
31 मई को ट्रेन 12172 रुड़की-लोकमान्य तिलक टर्मिनस उसी एक्सप्रेस में रुड़की से कल्याण के लिए दीक्षा साहू सफर कर रहीं थीं। ट्रेन में दीक्षा को झपकी लग गई थी। डबरा के बाद देखी कि उसका लैपटॉप बैग और पर्स गायब था। पर्स में करीब चार हजार रुपये थे। झांसी स्टेशन पहुंचने पर जीआरपी को सूचना दी। सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। इस ट्रेन के सभी कोच सीसीटीवी कैमरे से लैस हैं। फिर भी चोरी हो गई।
केस नंबर 2
19 मई को ठाणे के लिए यात्रा कर रहे एक यात्री का बबीना स्टेशन के पास बैग चोरी हो गया था। उसमें रुपये व अन्य कीमती सामान था। ठाणे में जीआरपी ने चोरी का मामला दर्ज कर जांच के लिए रिपोर्ट झांसी जीआरपी को भेज दी। यात्रा के दौरान ट्रेन में जीआरपी स्क्वॉड था। फिर भी चोर आसानी से घटना को अंजाम देने में कामयाब हो गए।
केस नंबर 3
30 अप्रैल को प्रेमनगर के नयाखेड़ा निवासी रतनलाल अपनी पत्नी के साथ आगरा-झांसी के लिए यात्रा कर रहे थे। उनकी पत्नी के बैग से चोरों ने सोने के लाखों के आभूषण और 2500 रुपये नगद चोरी कर लिए थे। जीआरपी ने मामला दर्ज कर लिया था।
केस नंबर 4
12 जून को रानी कमलापति से नई दिल्ली जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस पर दतिया के पास पथराव हुआ था। इस हादसे में किसी को चोट नहीं आई पर एक कोच का कांच टूट गया था। इस मामले को आरपीएफ ने दर्ज किया था और मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को पकड़ा था।
केस नंबर 5
22 जून को रानी कमलापति से निजामुद्दीन जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस ग्वालियर स्टेशन से रवाना हुई थी। तभी कुछ अज्ञात लोगों ने ट्रेन पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया था। पत्थरों से सी-5 कोच की खिड़की के कांच टूट गए। इस मामले को भी आरपीएफ ने दर्ज कर लिया था पर कोई हाथ नहीं लगा।
केस नंबर 7
23 जून को महाकौशल एक्सप्रेस में यार्ड से किन्नर सवार हुए। ट्रेन के रवाना होते ही जनरल कोच के यात्रियों से रुपये मांगने लगे। कुछ ने रुपये दे दिए तो कुछ ने इन्कार कर दिया। इस पर किन्नर अभद्रता करने लगे। साहिल गुप्ता ने इसकी शिकायत की। शिकायत पर आरपीएफ ने निवाड़ी में सर्च ऑपरेशन चलाया पर कोई हाथ नहीं लगा।